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Corona की दवाई बनाने में गाय की ली जा रही मदद, अगले माह होगा Human Trial
कोरोना वायरस से जूझ रही दुनिया को निजात दिलाने के लिए अब गायों की मदद से दवाई बनाए जाने का अनूठा प्रयोग शुरू हुआ है। अमेरिका के दक्षिण डकोटा (US South Dakota) की कंपनी सब बायोथेरेप्यूटिक्स ने इस प्रयोग को शुरू किया है। बताया जा रहा है कि अगले महीने इलाज के इस तरीके का ह्यूमन ट्रायल (Human trial) होगा। गाय में किसी भी इंसान की तुलना में दोगुना या अधिक मात्रा और ज्यादा विविधता वाले एंटीबॉडी होते हैं। लिहाजा शोध में इंसानों की प्रतिरक्षी कोशिका गायों में जेनेटिकली इंजीनियरिंग द्वारा प्रत्यारोपित की जाएगी। जिससे कोविड-19 (Covid-19) से लड़ने के लिए गाय में एंटीबॉडी (Antibodies in cow) तैयार होगी। जिससे एसएबी-185 नामक दवा का निर्माण किया जा सकेगा।
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कंपनी ने पीट्सबर्ग विश्वविद्यालय (University of Pittsburgh) में इम्यूनोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ विलियम क्लिस्ट्रा के साथ मिलकर कोविड-19 के लिए इसका प्रभाव जांचने के लिए काम किया है। सबसे पहले गायों की त्वचा से कोशिकाएं लेकर जानवरों के एंटीबॉडी बनाने में भूमिका निभाने वाले जीन को हटाया गया। इसके बाद वैज्ञानिकों ने कृत्रिम मानव जीन को प्रवेश कराया, जो कि मनुष्य के लिए एंटीबॉडी का उत्पादन करता था। इन कोशिकाओं के डीएनए (DNA) को गाय के अंडे में डाला जाता है, जिससे कि सैकड़ों गाय मानव प्रतिरक्षा प्रणाली का उत्पादन कर सकें।

गायों की रक्त में बड़ी मात्रा में एंटीबॉडी का उत्पादन होता है यह मनुष्य की तुलना में प्रति मिलीलीटर दोगुना बताया जाता है। साथ ही वे एंटीबॉडी के विभिन्न प्रकारों का उत्पादन करती हैं। सिओक्स फाल्स स्थित सैफ बायोथेरेप्यूटिक्स ने जेनेटिक इंजीनियरिंग (Genetic engineering) का इस्तेमाल करते हुए मनुष्य की कोशिकाओं को गायों में प्रत्यारोपित किया। इसके बदले में गाय कोविड-19 के खिलाफ एंटीबॉडी का निर्माण करती है, जिससे सब-150 सी दवा बनाई जाएगी। इस दवा का उपयोग वायरस से संक्रमित रोगियों को तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से उपचार के रूप में किया जा सकेगा।
