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जाग उत्सव: पिपलागे में दहकते अंगारों पर भक्तों ने किया देव नृत्य
कुल्लू। कुल्लू जिले के पिपलागे गांव में दहकते अंगारों पर जहां भक्तों ने देव नृत्य किया, वहीं माता नैना का जाग उत्सव (Jag Festival) भी धूमधाम के साथ मनाया गया। इस उत्सव को देखने के लिए प्रदेशभर से श्रद्धालु उमड़े। जाग महोत्सव में माता भद्रकाली, माता कोयला, माता शीतला, माता छत्रेश्वरी अपने कारकूनों ओर हारियानों सहित विशेष रूप से शामिल हुईं।
माता के पुजारी अमित महंत ने बताया कि इस मौके पर भजन मंडली ने भजन-कीर्तन के माध्यम से माता की महिमा का बखान कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। बुधवार रात करीब एक बजे माता नैणा, भद्रकाली ने अपने कारकूनों, हारियानो सहित ढोल-नगाड़े की थाप के बीच मंदिर में प्रवेश किया और अंगारों के चारों ओर परिक्रमा की। माता की शक्ति के आगे श्रद्धालु भी नतमस्तक हो गए। इस धार्मिक कार्यक्रम को देखने के लिए जिला कुल्लू व मंडी क्षेत्र के सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ी।

अंगारों के बीच नृत्य, लेकिन पैरों में आंच तक नहीं
इसके बाद श्रद्धालुओं को जलते अंगारों के बीच हुए नृत्य का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। भद्रकाली माता के पुजारी अमित महंत ने बताया कि इस जाग की अद्भुत बात यह है कि यहां पर माता के गुरु, चेलियां आग के अंगारों पर चलते हैं, लेकिन उन्हें माता रानी की कृपा से पैरों में आंच तक नहीं आती। उन्होंने बताया कि जाग के दिन माता ने सभी भक्तों के दुखों का निवारण किया और सभी को मनोवांछित फल प्रदान किया। जाग उत्सव में माता रानी नारियल के माध्यम से सभी भक्तों के ग्रहदोषों का निवारण करती हैं।
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