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24 दिन में 5000 इंजेक्शन, तब जाकर किसान के शरीर से निकला जहर
जयपुर। जैविक और प्राकृतिक खेती (Natural Farming) करना इंसान के लिए सबसे ज्यादा सुरक्षित है। रासायनिक कीटनाशकों (Pesticides) का छिड़काव किसान के लिए कितना असुरक्षित हो सकता है, इसका नमूना पाली में नजर आया है। राजस्थान के पाली (Pali) में रासायनिक कीटनाशकों का छिड़काव करते किसान के शरीर में आधार लीटर जहर (Poison) घुस गया। डॉक्टरों को उसकी जान बचाने के लिए 24 दिन में 5000 इंजेक्शन लगाने पड़े।
किसान फसल (Crop) को बचाने के लिए अपने खेतों में कीटनाशक छिड़क रहा था। तभी वह कीटनाशक दवा उसके शरीर के अंदर भी चली गई। इससे वह बीमार पड़ गया। परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। कीटनाशक इतना जहरीला (Highly Poisonous) था कि किसान की जान पर बन गई। उसके बचने की संभावना न के बराबर थी। लेकिन डॉक्टरों ने हिम्मत नहीं हारी।
सांस भी नहीं ले पा रहा था किसान
उन्होंने मरीज की जान बचाने में दिन-रात एक कर दिए। 24 दिन तक मरीज को 5000 इंजेक्शन (Injection) लगाए गए। अब मरीज बिल्कुल ठीक है। जानकारी के मुताबिक, किसान के शरीर में 600 मिलीलीटर कीटनाशक चला गया था। डॉक्टर प्रवीण गर्ग की टीम ने पहले मरीज के गले में छेद करके उसे ऑक्सीजन (Oxygen) देनी शुरू की। क्योंकि मरीज सांस भी नहीं ले पा रहा था। फिर उसे एंटीडॉट ड्रग एट्रोपिन के इंजेक्शन देने शुरू किए।
रोज 208 इंजेक्शन लगे
मरीज को रोज 208 इंजेक्शन लगाए जाते थे। ताकि जहर का असर खत्म हो सके। इसके साथ ही मरीज को दवाइयां भी दी जाती थीं। 24 दिन तक मरीज को अस्पताल में डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में रखा गया। धीरे-धीरे मरीज की हालत में सुधार हुआ। फिर 24 दिन बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो गया। डॉक्टरों ने उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी है। ऐसा ही मामला इससे पहले अमेरिका में भी आया था। यहां एक शख्स के शरीर में 300 मिलीलीटर कीटनाशक चला गया था। उसे आठ दिन तक 760 इंजेक्शन लगाए थे।
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