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जौनसारी परंपरा: एक ही मंडप में हुई पांच भाइयों की शादी, बारात लेकर पहुंचीं दुल्हनें
Unique Wedding: देवभूमि उत्तराखंड के जनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर में आज भी संयुक्त परिवार की परंपरा और पुराने रीति रिवाज कायम हैं। इसमें खास तौर से वैवाहिक रीति रिवाज शामिल हैं, जिसमें दुल्हन का दूल्हे के घर बारात लेकर आने की परंपरा सबसे खास है। चकराता तहसील क्षेत्र के खरासी गांव में जोजोड़ा प्रथा से संपन्न हुआ एक अनोखा और आकर्षक विवाह समारोह खासा चर्चित हो रहा है। यहां एक ही परिवार के पांच भाइयों का विवाह एक साथ, एक ही दिन और एक ही मंडप में हुआ। इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

चकराता के तहत खारसी में दो सगे भाइयों दौलत सिंह चौहान व मोहन सिंह चौहान का 30 सदस्यों का संयुक्त परिवार है। दोनों भाईयों की छह संतानों (पांच भाई और एक बहन) का विवाह जौनसार बावर के पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार संपन्न हुआ। इसमें जोजोड़ा प्रथा एक बार फिर देखने को मिली, जिसमें पांच दुल्हनें बीरात लेकर दूल्हों के घर पहुंचीं। वहीं परिवार की बेटी भी बारात लेकर दूल्हे के घर गई। जब पांच दुल्हनें एक साथ बारात लेकर घर आईं तो लोग देखने ही रह गए।

चौहान परिवार में दौलत सिंह के पुत्र नरेंद्र की शादी खत शैली के हयाओ गांव निवासी अंजू संग, राहुल की शादी खत बिशलाड़ के जोगियों निवासी आंचल संग और प्रदीप की शादी जोगियों निवासी निक्की के साथ हुई। इसी प्रकार उनके छोटे भाई मोहन सिंह के पुत्र प्रीतम का विवाह खत शैली की हयोऊ निवासी पुनीता और अमित की शादी भरम खत के गोरछा निवासी निर्मला के साथ हुई। जबकि परिवार की बेटी राधिका अपनी बारात लेकर मरलोऊ निवासी रणवीर के घर पहुंची। उसका विवाह रणवीर के साथ हुआ।
आज भी होती हैं बिना दहेज के शादियां
जाहिर है जौनसार बावर क्षेत्र में आज भी शादियां बिना दहेज के होती हैं। गांव खारसी के इस परिवार ने भी शादी में जौनसारी परंपरा कामय रखी। इसमें परंपरा के अनुसार दहेज में मात्र पांच सामान दिए गए। गांव में लोक परंपरा का निर्वहन करते हुए रईणी भोज का भी आयोजन एक साथ किया गया। इस शादी में दूल्हे तो एक ही परिवार के थे, मगर दुल्हनें अलग-अलग परिवार की थीं। जौनसार बावर में ज्येष्ठ पुत्र के विवाह समारोह को लोक परंपरा के हिसाब से बारिया की शादी करते हैं। इसमें घर परिवार व गांव की बहू-बेटियों के सम्मान में रईणी भोज का आयोजन किया जाता है।
पंकज शर्मा
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