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हिमाचल सरकार के कड़े निर्देश; डिजिटल दान पर जोर, 6 महीने तक सुरक्षित रहेगी CCTV फुटेज, रोटेशन पर बदलेंगे कर्मी
Himachal Temple Donation Instructions: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी होने के मामले के बाद हिमाचल प्रदेश सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। राज्य के सभी सरकारी स्वामित्व और प्रबंधन वाले मंदिरों में सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए सरकार ने एक व्यापक एडवाइजरी जारी की है। भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से जारी यह 6 पन्नों की सख्त गाइडलाइन तत्काल प्रभाव से पूरे प्रदेश में लागू कर दी गई है।
टैम्पर-प्रूफ होंगे दानपात्र, CCTV की निगरानी में होगी गिनती
नई गाइडलाइन के अनुसार, अब सभी मंदिरों के डोनेशन बॉक्स (दानपात्र) टैम्पर-प्रूफ (जिनसे छेड़छाड़ न हो सके) होंगे और हर एक बॉक्स को एक विशिष्ट पहचान संख्या (Unique ID) दी जाएगी। दानपात्रों को खोलने और चढ़ावे की गिनती का काम केवल सक्षम प्राधिकारी द्वारा तय तारीख पर, पूरी समिति की मौजूदगी में ही होगा। इस पूरी प्रक्रिया की अनिवार्य रूप से वीडियोग्राफी की जाएगी और गिनती कक्ष को हर समय CCTV की निगरानी में रखा जाएगा।
180 दिनों तक सुरक्षित रखनी होगी कैमरों की रिकॉर्डिंग
सरकार ने मंदिरों के सुरक्षा तंत्र को कड़ा करते हुए प्रवेश एवं निकास द्वार, गर्भगृह, दानपात्र, गिनती कक्ष, स्ट्रॉन्ग रूम और आभूषण भंडारण क्षेत्र जैसे संवेदनशील स्थानों पर हाई-रिजॉल्यूशन CCTV कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन कैमरों की रिकॉर्डिंग को कम से कम 180 दिनों (6 महीने) तक सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा।
पूरे सिस्टम को डिजिटल अकाउंटिंग से जोड़ा जाएगा
एक दिन के भीतर बैंक में जमा होगी नकदी, कर्मचारियों का होगा पुलिस वेरिफिकेशन
चढ़ावे में आने वाली नकदी को गिनने के ठीक एक कार्य दिवस (Working Day) के भीतर अधिकृत बैंक खाते में जमा कराना होगा। नकदी, सोने-चांदी, आभूषण और अन्य कीमती वस्तुओं का अलग-अलग रिकॉर्ड रखा जाएगा और पूरे सिस्टम को डिजिटल अकाउंटिंग से जोड़ा जाएगा।
नकदी और कीमती सामान संभालने वालों काPolice Verification
सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए, नकदी और कीमती सामान संभालने वाले सभी कर्मचारियों का अनिवार्य रूप से पुलिस सत्यापन (Police Verification) कराया जाएगा। साथ ही, किसी भी तरह की हेरफेर को रोकने के लिए समय-समय पर कर्मचारियों की ड्यूटी (रोटेशन) भी बदली जाएगी।
वार्षिक ऑडिट, इन्वेंटरी और डिजिटल दान पर जोर
गाइडलाइन में प्रत्येक तिमाही (Quarterly) में कीमती सामानों का भौतिक सत्यापन और हर साल वार्षिक ऑडिट (Annual Audit) कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, पारदर्शिता बढ़ाने के लिए मंदिरों में UPI, QR कोड, POS मशीन और ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से डिजिटल दान को बढ़ावा देने की बात कही गई है।
30 दिन का अल्टीमेटम, लापरवाही पर होगी कानूनी कार्रवाई
राज्य के सभी संबंधित मंदिरों को इस सुरक्षा व्यवस्था, CCTV कवरेज, ऑडिट और इन्वेंटरी की अनुपालन रिपोर्ट 30 दिन के भीतर सरकार को सौंपनी होगी। सरकार ने साफ चेतावनी दी है कि नियमों की अनदेखी या किसी भी तरह की लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारियों और मंदिर प्रबंधन समितियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक एवं कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यदि मंदिर में कोई चोरी या अनियमितता होती है, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस, उपायुक्त और संबंधित विभाग को देनी होगी।
अनु गुप्ता
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