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हिमाचल के दवा प्रतिनिधि हड़ताल पर, सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन
वी. कुमार/मंडी। हिमाचल प्रदेश में दवा प्रतिनिधि (Pharmaceutical Representative) अपनी मांगों को लेकर फेडरेशन ऑफ मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन ऑफ इंडिया के बैनर तले हड़ताल पर हैं। राष्ट्रव्यापी हड़ताल के चलते मंडी जिला में भी दर्जनों दवा प्रतिनिधि केंद्र सरकार (Central Government) और दवा उद्योगपतियों के खिलाफ सड़कों (Streets) पर उतरे और रैली निकाल कर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। इस मौके पर दवा प्रतिनिधियों ने शहर का चक्कर लगाया और अपनी मांगों से संबंधित मांग पत्र जिला प्रशासन के माध्यम से केंद्र और प्रदेश सरकार को भेजा।
दवा प्रतिनिधियों की मांग
मांगों में केंद्र सरकार से सेल्स प्रोमोशन एंपलॉई एक्ट की रक्षा, सेल्स प्रोमोशन कर्मचारियों की वैधानिक कार्य नियमावली, सरकारी अस्पतालों और बड़े संस्थानों से दवा प्रतिनिधियों के कार्य करने की रोक को हटाना, सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के साथ जीवन रक्षक दवाएं निःशुल्क देना, दवा प्रतिनिधियों के डाटा को व्यक्तिगत रखना शामिल है। वहीं, सेल्स उत्पीड़न के नाम पर दवा प्रतिनिधियों का शोषण (Exploitation of Representatives) बंद करना, दवा प्रतिनिधियों का भी 8 घंटे कार्यसमय व न्यनतम वेतन 25 हजार करना और दवाओं की आनलाइन बिक्री को भी बंद करना शामिल है।
GST का भी विरोध
इसके साथ ही MR दवाईयों पर लगने वाले GST का भी विरोध कर रहे हैं। एसोसिएशन का मानना है कि इससे जनता पर मंहगी दवाई का बोझ पड़ेगा। इस मौके पर एसोसिएशन (Association) के प्रदेश संयुक्त महासचिव प्रकाश ठाकुर ने कहा कि आज पूरे देश में दवा प्रतिनिधि अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर हैं और केंद्र और प्रदेश की सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों को लेकर उदासीन रहती है तो फिर आने वाले समय में संघर्ष को और तेज किया जाएगा। इस मौके पर जिला इकाई के सदस्य भी मौजूद रहे।
शिमला में भी दवा प्रतिनिधियों का प्रदर्शन
लेखराज धरटा/शिमला। अखिल भारतीय फेडरेशन ऑफ मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन के आह्वान पर हिमाचल प्रदेश दवा प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार और उद्योग के नियोक्ता से लंबित आठ सूत्रीय मांगों को लेकर DC ऑफिस के बाहर धरना प्रदर्शन किया और DC के माध्यम से PM मोदी को ज्ञापन सौंपा है।
एसोसिएशन के इकाई सचिव सेठ चंद शर्मा ने बताया कि उनकी मुख्य मांगों में सेल्स प्रमोशन एलॉयज एक्ट 1976 को सुरक्षित करना, सेल्स प्रमोशन एंप्लॉय के लिए वैधानिक कार्य नियमावली अधिसूचित करना, न्यूनतम वेतन 25,000 करने के साथ केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य संस्थानों में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव की कार्य अवधि पर लगी रोक को हटाना और 8 घंटे के कार्य को सुनिश्चित करना सम्मिलित है।
