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शिमला के लिंडीधार में लैंडस्लाइड: फोरलेन का डंगा गिरा, घर छोड़ भागे लोग
Himachal landslide: शिमला के ढली में आज निर्माणाधीन फोरलेन का डंगा देखते ही देखते गिर गया। ढली के तहत लिंडीधार में फोरलेन के लिए लगाया गया 20 से 25 फीट ऊंचा डंगा ढह गया। डंगा गिरने से यहां बने मकानों को खतरा पैदा हो गया है। वहीं स्थानीय व्यक्ति के सेब के कई पौधों को भी इससे नुकसान पहुंचा है। डंगा गिरने का आभास होते ही लोग घर छोड़ के भाग खड़े हुए।
एनएचएआई पर लापरवाही के आरोप
स्थानीय लोगों ने एनएचएआई पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि यहां रहने वाले लोगों को जान का खतरा है। उन्हें अपने घरों को छोड़कर दूसरे स्थान पर रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि एनएचएआई को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। अब इस हादसे के बाद लोगों में काफी आक्रोश है और वे प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि उनकी सुरक्षा का ध्यान रखा जाए और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
एसडीएम मंजीत शर्मा भी मौके पर पहुंचे
वहीं इस दौरान शिमला ग्रामीण के एसडीएम मंजीत शर्मा भी मौके पर पहुंचे,उन्होंने वहां मौजूदा हालतों का जायजा लेकर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यहां पर पिछले महीने भी लैंडस्लाइड हुआ था और NHAI के अधिकारियों को इसको ठीक करने के निर्देश दिए गए थे लेकिन आज यह पूरी तरह से गिर चुका है और नीचे जो घर है और सेब के बगीचों को काफी नुकसान पहुंचा है जिसका मुआयना करने के लिए वो यहां पहुंचे इनमें से एक घर को काफी खतरा नजर आ रहा है
कुछ समय पहले ही लगाया गया था डंगा
चंडीगढ़ से शिमला के ढली तक फोरलेन का काम चला है। । फोरलेन के तीसरे चरण में हो रहे काम में ज्यादातर जगह ऊंचे-ऊंचे डंगे लगाए जा रहे हैं। ढली में भी काफी ऊंचा डंगा कुछ समय पहले ही लगाया गया था। फोरलेन बनने से पहले ही यह गिर गया है। इससे फोरलेन निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच एनएचएआई का कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। इससे पहले भट्टाकुफर में भी एक पांच मंजिला मकान धराशायी हो गया था
संजू चौधरी
