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Lockdown Effect: कई वर्षों के बाद काठमांडू से नज़र आया 200 Km दूर माउंट एवरेस्ट, देखें Pics
काठमांडू/नई दिल्ली। चीन के वुहान से उपजे कोरोना वायरस (Coronavirus) ने दुनिया भर के करीब 180 से अधिक देशों में उत्पात मचा रखा है। जिसके चलते विश्व के अधिकांश देशों ने अपने-अपने यहां लॉकडाउन लगा रहा है। इस लॉकडाउन (Lockdown) के कारण जहां सबकुछ ठप पड़ा हुआ है, लोग अपने-अपने घरों में रहने को मजबूर हैं। वहीं पर्यावरण पर इस लॉकडाउन का पॉजिटिव प्रभाव देखने को मिल रहा है। कोरोना वायरस लॉकडाउन के चलते कम हुए प्रदूषण के कारण कई वर्षों के बाद काठमांडू (नेपाल) घाटी से करीब 200 किलोमीटर दूर माउंट एवरेस्ट (Mount everest) की चोटी नज़र आई है।
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काठमांडू की हवा गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई में 70 फीसदी का सुधार आया

फोटोग्राफर आभूषण गौतम द्वारा खींची गई इस घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं। एक यूज़र ने लिखा, ‘कम-से-कम इस महामारी से कुछ तो सकारात्मक निकलकर आया।’ इससे पहले काठमांडू (Kathmandu) में अप्रैल महीने में धादिंग, नुवाकोट और चितवन में जंगलों में आग और घाटी में जलाए जा रहे कचरे की वजह से घाटी के ऊपर वायु प्रदूषण का गुबार बना हुआ था। इसलिए माउंट एवरेस्ट नहीं दिखाई दे रहा था। फिलहाल काठमांडू की हवा गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई में 70 फीसदी का सुधार आया है।
यूजर्स इन तस्वीरों को देखने के बाद प्रदूषण कम करने का सुझाव दे रहे

माउंट एवरेस्ट की ये तस्वीरें काठमांडू घाटी से 10 मई की शाम को ली गई हैं। इस दिन काठमांडू घाटी का मौसम बेहद साफ था। सोशल मीडिया यूजर्स इन तस्वीरों को देखने के बाद प्रदूषण कम करने का सुझाव दे रहे हैं। एक यूजर सुषमा जोशी ने ट्वीट किया क्या हम इसे ऐसे ही रख सकते हैं। नेपाल (Nepal) हर साल करोड़ों डॉलर खर्च करता है जिससे हमारे स्वस्थ युवा अपनी कारों और मोटरसाइकिल से शहरों को प्रदूषित कर चुके हैं। उन्हें साइकिल का इस्तेमाल करने के लिए कहा जाए। इससे हमारी हवा स्वच्छ होगी और मंदी के इस दौर में हम करोड़ों डॉलर बचा सकेंगे।
