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अब नहीं बिकेगी पुरानी मिठाई, सरसों के तेल में भी नहीं होगी मिलावट, आज से हो रहे ये पांच बड़े बदलाव

8 साल तक भरा है इंश्योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम तो रिजेक्ट नहीं होगा क्लेम

अब नहीं बिकेगी पुरानी मिठाई, सरसों के तेल में भी नहीं होगी मिलावट, आज से हो रहे ये पांच बड़े बदलाव

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नई दिल्ली। पहली अक्तूबर यानी आज से हेल्थ इंश्योरेंस, स्वास्थ्य और आपके जीवन से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। आईआरडीए के नियम के मुताबिक अगर बीमाधारक ने लगातार 8 साल तक अपनी इंश्योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम भरा है तो फिर कंपनी किसी भी कमी के आधार पर क्लेम रिजेक्ट नहीं कर पाएगी। इसके अलावा पॉलिसी के दायरे में ज्यादा बीमारियां आएंगी। हालांकि अधिक बीमारियों के कवर होने की वजह से प्रीमियम महंगा हो सकता है। इसके अलावा भी चार और बदलाव आज से होने जा रहे हैं जिनके बारे में हम आपको जानकारी देने जा रहे हैं …


मिठाई की एक्सपायारी डेट बतानी होगी

पहली अक्तूबर यानी आज से बाजार में बिकने वाली खुली मिठाइयों के इस्तेमाल की समय सीमा अब कारोबारियों को बतानी होगी। कितने समय तक उसका इस्तेमाल ठीक रहेगा उसकी समयसीमा की जानकारी उपभोक्ताओं को देनी होगी। खाद्य नियामक एफएसएसएआई (FSSAI) ने अनिवार्य कर दिया है।

सरसों तेल में प्योरिटी

आम घरों में इस्तेमाल होने वाले सरसों तेल में किसी दूसरे खाद्य तेलों की मिलावट करने पर आज पूरी तरह रोक लगा दी गई है। खाद्य नियामक एफएसएसएआई ने इस बारे में आदेश जारी किया है। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा आयुक्त को लिखे एक पत्र में, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने कहा है, ‘‘भारत में किसी भी अन्य खाद्य तेल के साथ सरसों तेल के मिक्सिंग पर एक अक्तूबर, 2020 से पूरी तरह रोक होगी।’

ई—कॉमर्स के नियम में बदलाव

आयकर विभाग ने सोर्स पर टैक्स वसूली (टीसीएस) प्रावधान के लागू होने को लेकर दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें ई—कॉमर्स ऑपरेटर के लिए जरूरी आदेश है। इसके मुताबिक ई- कामर्स ऑपरेटर एक अक्ट्रबर 2020 से डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक सुविधा अथवा प्लेटफार्म के जरिये होने वाले माल अथवा सेवा या दोनों के कुल मूल्य पर एक प्रतिशत की दर से आयकर लेना होगा।

स्मॉल सेविंग्स की ब्याज दर

आगामी तिमाही यानी अक्तूबर से दिसंबर तक के लिए स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स (छोटी बचत योजनाओं) की ब्याज दर में बदलाव हो सकता है। इससे पहले यानी जुलाई-अगस्त-सितंबर तिमाही में ब्याज दरों को स्थिर रखा गया था। आपको यहां बता दें कि सरकार की ओर से हर तीन महीने पर स्मॉल सेविंग्स स्कीम के ब्याज दरों की समीक्षा की जाती है।

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