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वेंटिलेटर पर आ चुके मरीज को श्री बालाजी हॉस्पिटल कांगड़ा की मेडिकल टीम ने दी नई जिंदगी
Shree Balaji Hospital Kangra: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा स्थित श्री बालाजी हॉस्पिटल के विशेषज्ञ डॉक्टरों और मेडिकल टीम ने एक बार फिर उत्कृष्ट चिकित्सा सेवा का उदाहरण पेश किया है। अस्पताल की कार्डियोलॉजी टीम ने 95 प्रतिशत हृदय ब्लॉकेज और अत्यधिक बढ़े हुए ब्लड शुगर लेवल वाले एक बेहद गंभीर मरीज की जान बचाकर उसे नई जिंदगी दी है। आपातकालीन स्थिति में लाए गए इस मरीज का सफल उपचार कर डॉक्टरों ने मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया।
वेंटिलेटर सपोर्ट और 95% ब्लॉकेज की गंभीर चुनौती
जानकारी के अनुसार, मरीज को जब श्री बालाजी हॉस्पिटल के आपातकालीन विभाग (Emergency) में लाया गया, तब उसकी स्थिति अत्यंत नाजुक थी। हृदय की गंभीर समस्या और अनियंत्रित ब्लड शुगर के कारण जान का खतरा बना हुआ था। गंभीरता को देखते हुए मेडिकल टीम ने बिना कोई समय गंवाए मरीज को तुरंत कोरोनरी केयर यूनिट (CCU) में शिफ्ट किया और जीवन रक्षक प्रणाली (Ventilator Support) पर रखा।
एंजियोप्लास्टी से बहाल हुआ रक्त प्रवाह
विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा की गई गहन जांच में पता चला कि मरीज की हृदय धमनी (Heart Artery) में 95 प्रतिशत ब्लॉकेज था। यह स्थिति किसी भी समय एक जानलेवा हार्ट अटैक का कारण बन सकती थी। कार्डियोलॉजिस्ट्स की टीम ने त्वरित निर्णय लेते हुए कोरोनरी एंजियोग्राफी की, जिसमें गंभीर अवरोध की पुष्टि हुई। इसके तुरंत बाद एंजियोप्लास्टी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया और स्टेंट प्रत्यारोपित कर हृदय में रक्त के प्रवाह को सफलतापूर्वक बहाल किया गया।
मरीज की स्थिति स्थिर, अस्पताल प्रशासन ने की अपील
सफल सर्जरी के बाद मरीज को विशेषज्ञ डॉक्टरों की कड़ी निगरानी (Observation) में रखा गया है। उपचार के बाद मरीज के स्वास्थ्य में तेजी से सकारात्मक सुधार देखने को मिला है और वर्तमान में उसकी स्थिति पूरी तरह स्थिर (Stable) बताई जा रही है। श्री बालाजी हॉस्पिटल के विशेषज्ञ कार्डियोलॉजिस्ट, कैथ लैब और CCU टीम के इस समन्वित और त्वरित प्रयास की हर तरफ सराहना हो रही है।
डॉ राजेश शर्मा ने की आम जनता से अपील
श्री बालाजी हॉस्पिटल के सीएमडी डॉ राजेश शर्मा ने आम जनता से अपील की है कि स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें। डॉ सीने में दर्द, सांस फूलना, अचानक अत्यधिक पसीना आना या बेचैनी जैसे लक्षणों को सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते सही जांच और तुरंत उपचार मिलने से गंभीर से गंभीर हृदय रोगों का भी सफल प्रबंधन किया जा सकता है।
राहुल कुमार

