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नीरज भारती ने CM सुक्खू को दी डोप टेस्ट की चुनौती, विक्रमादित्य की पोस्ट से गरमाई सियासत
Himachal Politics: हिमाचल प्रदेश में चल रही राजनीतिक हलचल थमने का नाम नहीं ले रही है। सत्ताधारी कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान अब खुलकर जुबानी जंग में तब्दील हो गई है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू और पूर्व विधायक नीरज भारती के बीच वार-पलटवार का दौर तेज हो गया है। ‘नशेड़ी’ शब्द से शुरू हुआ यह विवाद अब डोप टेस्ट की चुनौती तक जा पहुंचा है। इस बीच, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने सियासी पारे को और अधिक चढ़ा दिया है।
‘नशेड़ी’ शब्द से शुरू हुआ विवाद
सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक बयान में कहा था कि “नशेड़ी लोग कोई मसला नहीं हैं।” हालांकि, सीएम ने किसी नेता का नाम नहीं लिया था, लेकिन राजनीतिक जानकारों का स्पष्ट मानना था कि उनका यह सीधा निशाना कृषि मंत्री चंद्र कुमार के बेटे और पूर्व विधायक नीरज भारती पर था।
नीरज भारती का तीखा पलटवार, दी डोप टेस्ट की चुनौती
सीएम के इस बयान के बाद नीरज भारती के हमले और ज्यादा आक्रामक हो गए हैं। ‘नशेड़ी’ शब्द पर कड़ा ऐतराज जताते हुए भारती ने सीएम सुक्खू पर कई तरह का नशा करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। भारती ने सीएम को डोप टेस्ट करवाने की खुली चुनौती दे डाली है। उन्होंने दावा किया कि “सुक्खू ने कई बार मेरे साथ शराब पी है।” इसके साथ ही भारती ने कहा कि वह अब यह सब छोड़ चुके हैं और उन्होंने सीएम को भी ये आदतें छोड़ने की सलाह दी है।
सोशल मीडिया अकाउंट बंद, पार्टी से हो चुके हैं निष्कासित
गौरतलब है कि यह पूरा विवाद कार्यकर्ताओं के काम न होने के मुद्दे से शुरू हुआ था। नीरज भारती ने इंटरनेट मीडिया पर सरकार और सीधे तौर पर सीएम सुक्खू पर निशाना साधते हुए कई टिप्पणियां की थीं। इसके बाद उन्होंने हिमाचल कांग्रेस के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। अनुशासनहीनता के चलते पार्टी ने उन पर सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें 6 साल के लिए कांग्रेस से निष्कासित कर दिया। इतना ही नहीं, सरकार द्वारा उनके इंटरनेट मीडिया अकाउंट्स को भी बंद करवा दिया गया है, जिसके बाद से भारती का गुस्सा सातवें आसमान पर है।

विक्रमादित्य सिंह की पोस्ट ने बढ़ाया सस्पेंस
इस पूरी सियासी रस्साकशी के बीच लोक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री विक्रमादित्य सिंह की एक दार्शनिक लेकिन इशारों-इशारों में की गई पोस्ट ने माहौल को और गरमा दिया है। विक्रमादित्य सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, “यह जीवन का शाश्वत सत्य है कि दूसरों के लिए गड्ढा खोदने वाले अक्सर खुद उसमें गिर जाते हैं। इसलिए नफरत और द्वेष से दूर रहकर, सकारात्मक सोच अपनाएं और निस्वार्थ भाव से सबकी मदद करें। हमारी अच्छाई ही हमारा सबसे बड़ा कवच है।”
हालांकि विक्रमादित्य सिंह ने भी अपनी पोस्ट में किसी का नाम नहीं लिखा है, लेकिन मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए उनके इस बयान के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। हिमाचल प्रदेश की राजनीति में फिलहाल हर दिन एक नया घटनाक्रम सामने आ रहा है और यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस आलाकमान इस बढ़ती अंदरूनी कलह को कैसे शांत करता है।
संजू चौधरी

