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आईजीएमसी में एकत्र हुए डॉक्टरों ने की जोरदार नारेबाजी- डॉ राघव का टर्निमेशन वापस लें
Himachal Doctor Strike: प्रदेश की सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमज़ी में डॉक्टर और मरीज के बीच हुए विवाद के बाद डॉक्टर काम छोड़ हड़ताल पर चले गए है। डॉक्टर किसी भी मरीज की जांच नहीं कर रहे है और डॉक्टरों द्वारा प्रदर्शन कर डॉ राघव का टर्निमेशन वापिस लेने की मांग पर अड़े है। आईजीएमसी में सभी रेजिडेंट डॉक्टर, इंटर्न्स और MBBS छात्र इकट्ठा हुए और डॉ राघव की बहाली और न्याय की मांग करते हुए जोरदार नारेबाजी की। रेजिडेंट डॉक्टर के समर्थन ने हिमाचल मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन (HMOA) और स्टेट एसोसिएशन ऑफ मेडिकल एंड डेंटल कॉलेज टीचर्स (SAMDCOT) भी आ गई है।
शिमला: आईजीएमसी में डॉक्टर और मरीज के बीच हुई हाथापाई मामले ने तूल पकड़ लिया है। आईजीएमसी में आज रेजिडेंट डॉक्टर, इंटर्न्स और MBBS छात्र एकत्र हुए और इस दौरान जोरदार नारेबाजी भी की गई@SukhuSukhvinder @CMOFFICEHP @ShivPShukla_Gov @jairamthakurbjp #IGMC #DoctorStrike pic.twitter.com/cuTdbaC0FL
— Himachal Abhi Abhi (@himachal_abhi) December 27, 2025
स्टेंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर जारी
हड़ताल के बाद रूटीन ऑपरेशन बंद कर दिए गए हैं। इमरजेंसी में ऑपरेशन जारी है। इस बीच, मेडिकल एजुकेशन एवं रिसर्च डिपार्टमेंट (DMER) ने स्टेंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी की है। इनमें कहा गया कि RDA की हड़ताल के दौरान मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में इलाज व पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए। रूटीन ऑपरेशन बंद रहेंगे, जबकि इमरजेंसी में ऑपरेशन चलते रहेंगे।
सरकार जल्द सुलझाए मामला
डॉक्टरों की हड़ताल की के कारण प्रदेश के दूरदराज क्षेत्र से आए मरीज़ों और उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेजिडेंट डॉक्टर अपने साथ ही डॉक्टर राघव का टर्मिनेशन रद्द करने की मांग उठा रहे हैं,हालांकि शुक्रवार को सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाक़ात के बावजूद डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं। कई मरीज़ों को सैकड़ों किलोमीटर दूर आकर मायूसी हाथ लगी। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि इस मामले को जल्द सुलझाया जाए इस मामले में दोनों की ही गलती है जिससे जनता को अब परेशानी हो रही है
डॉ राघव का टर्निमेशन को वापिस लिया जाए
रेसिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष सोहेल ने कहा कि आज सभी डॉक्टर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर है और डेंटल डॉक्टर भी इसमें शामिल है और एक ही मांग सरकार से की जा रही है कि डॉ राघव का टर्निमेशन को वापिस लिया जाए। उन्होंने कहा कि डॉक्टर अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे है और ऐसे में सरकार को डॉक्टरों की सुरक्षा को भी ध्यान रखना चाहिए। डॉ राघव को पहले सस्पेंड किया जाता है और उसके बाद एकदम टर्निमेट कर दिया जाता है जबकि जांच भी सही से नहीं की गई। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार डॉ राघव का टर्निमेशन वापिस नहीं होता हड़ताल जारी रहेगी।
संजू चौधरी
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