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तस्वीरों में देखें कुल्लू दशहरे की झलकियां
कुल्लू। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा भगवान रघुनाथ की रथयात्रा के साथ रविवार को शुरू हो गया। रथयात्रा के साथ सात दिवसीय दशहरा का विधिवत शुभारंभ हो गया है।

20 मिनट के बजाय रथयात्रा 10 मिनट में ही पूरी हो गई।

सैंकड़ों लोगों ने भगवान रघुनाथ का रथ खींचकर पुण्य कमाया। इस दौरान सड़कों पर लोगों का जन सैलाब उमड़ा। लोग घरों की छतों पर भी एकटक लगाए देव नगरी के इस दृश्य के गवाह बने।

जय श्रीराम के उदघोष से रघुनाथ की नगरी गूंज उठी। इससे पहले भगवान रघुनाथ सुल्तानपुर से कड़ी सुरक्षा के बीच चलकर ढालपुर मैदान पहुंचे।

इस बार दशहरा उत्सव में कम संख्या में देवी-देवताओं का आगमन हो पाया है। इसके बावजूद लोगों की श्रद्धा अपने-अपने आराध्य देवी-देवताओं के प्रति देखते ही बनती है।

श्री रघुनाथ जी के रथ को उनके अस्थाई शिविर ढालपुर मैदान तक ले जाया गया, जहां वह अगले सात दिनों तक प्रवास करेंगे।

दशहरा में आए देवी-देवता भी लोगों को दर्शन व आशीर्वाद के लिए अगले सात दिनों तक ढालपुर मैदान में अपने-अपने शिविरों में उपलब्ध रहेंगे।

सुबह के समय दशहरा उत्सव में शरीक होने कुल्लू पहुंचे आठ देवी देवताओं ने रघुनाथ के दरबार में हाजिरी भरी।

लोगों ने जगह-जगह देवी-देवताओं का स्वागत कर आशीर्वाद लिया।

माता हिडिंबा, देवता जमलू और लक्ष्मी नारायण ने कहा कि किसी प्रकार से डरने की बात नहीं, दशहरा में कोई अनहोनी नहीं होने देंगे।

दशहरा में बिन बुलाए जिला कुल्लू के मेहा के नारायण और डमचीन के देवता गोहरी भी ढालपुर मैदान पहुंच गए।

