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हिमाचल में तीसरे मोर्चे की हलचल: हमीरपुर में पूर्व मंत्री मार्कंडेय ने टटोली कांग्रेस-बीजेपी के नाराज नेताओं की नब्ज
Third Front in Himachal: हिमाचल प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर तीसरे राजनीतिक विकल्प की सुगबुगाहट तेज हो गई है। प्रदेश में एक नई राजनीतिक पार्टी के गठन की तैयारी बताई जा रही है, जिसमें बीजेपी और कांग्रेस से नाराज कई नेताओं को साथ लाने की कोशिश की जा रही है। बताया जा रहा है कि इस संभावित तीसरे मोर्चे में कई पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता शामिल हो सकते हैं।इस कड़ी में पूर्व मंत्री रामलाल मार्कंडेय प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा कर नेताओं और कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोल रहे हैं। कुल्लू के बाद उन्होंने दो दिन के प्रवास के दौरान हमीरपुर में भी कई नेताओं से मुलाकात कर संभावित तीसरे मोर्चे को लेकर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कुछ पूर्व विधायकों और स्थानीय नेताओं के साथ बैठक भी की। बताया जा रहा है कि प्रदेशभर में ब्लॉक और जिला स्तर पर संगठन खड़ा करने की जिम्मेदारी भी मार्कंडेय के नेतृत्व में ही आगे बढ़ाई जा रही है।
हिमाचल प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर तीसरे राजनीतिक विकल्प की सुगबुगाहट तेज हो गई है।@SukhuSukhvinder @jairamthakurbjp @Agnihotriinc @rajeevbindal @JPNadda @ianuragthakur #RamlalMarkandey #HimachalPolitics #2027AssemblyElections #ThirdFront pic.twitter.com/BaJzuH2NOV
— Himachal Abhi Abhi (@himachal_abhi) March 11, 2026
कांगड़ा तथा चंबा जिलों में भी नेताओं से मुलाकात करेंगे
वहीं हमीरपुर में बातचीत के दौरान रामलाल मार्कंडेय ने कहा कि इन दिनों वह प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा कर लोगों से मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह कुल्लू, मंडी, हमीरपुर और बिलासपुर जिलों का दौरा कर चुके हैं और आगे कांगड़ा तथा चंबा जिलों में भी नेताओं से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि कई जिलों से लोग इस पहल से जुड़ रहे हैं और भविष्य में बड़े नेताओं के भी साथ आने की संभावना है।मार्कंडेय ने कहा कि उनका उद्देश्य पहले मजबूत संगठन तैयार करना है। संगठन बनने के बाद उम्मीदवार अपने आप सामने आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए लोगों में राजनीतिक बदलाव को लेकर चर्चा तो हो रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर लोगों में नाराजगी भी दिखाई दे रही है।उन्होंने कहा कि यह प्रयास किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि कई नेताओं का साझा प्रयास है। आने वाले समय में प्रदेश के सभी 12 जिलों में संगठन खड़ा कर तीसरे राजनीतिक विकल्प को मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा, ताकि हिमाचल की राजनीति में एक नया विकल्प सामने आ सके।
राजनीति में नए विकल्प की तलाश
सूत्रों के अनुसार हाल ही में कुल्लू में करीब 40 नेताओं की एक गुप्त बैठक भी हुई, जिसमें बीजेपीऔर कांग्रेस से असंतुष्ट कई नेताओं ने भाग लिया। इस बैठक में पूर्व मंत्री डॉ. रामलाल मार्कंडेय सहित कई पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता शामिल रहे। हालांकि इस पूरी प्रक्रिया को अभी गोपनीय रखा जा रहा है और समय आने पर एक मंच से औपचारिक घोषणा करने की तैयारी की जा रही है।बैठक में यह निर्णय लिया गया कि तीसरे मोर्चे को मजबूत आधार देने के लिए पहले ब्लॉक और जिला स्तर पर कार्यकर्ताओं का नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इसके बाद ही नेतृत्व को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार बैठक में शामिल कई नेताओं का अपने-अपने क्षेत्रों में अच्छा जनाधार भी बताया जा रहा है।बताया जा रहा है कि कुल्लू में हुई इस बैठक में करीब छह पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक सहित कुल 40 नेताओं ने भाग लिया। इनमें कई ऐसे नेता भी शामिल बताए जा रहे हैं जिनका 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस दोनों दलों से टिकट कट गया था या जो लंबे समय से सक्रिय राजनीति में नए विकल्प की तलाश कर रहे हैं।
अशोक राणा
