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फतेहपुर में ‘पुष्पा’ स्टाइल में लकड़ी तस्करी का भंडाफोड़: 7 बोलेरो और 1 ट्रक जब्त, पुलिस की बड़ी कार्रवाई
Timber Smuggling in Kangra: क्या हिमाचल प्रदेश के फतेहपुर में ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘पुष्पा’ की कहानी सच हो रही है? जंगलों की बेशकीमती संपदा को लूटने वाले एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस जिला नूरपुर की सीआईए (CIA) टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लकड़ी से लदे सात एनसी बोलेरो और एक ट्रक को अपने कब्जे में लिया है। यह सभी वाहन अवैध लकड़ी लेकर पंजाब की ओर जा रहे थे। इस खुलासे के बाद जहां लकड़ी माफियाओं में हड़कंप मच गया है, वहीं वन विभाग की चुप्पी और कार्यप्रणाली गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है।
‘पुष्पा राज’ की तर्ज पर तस्करी: हिमाचल के जंगलों से पंजाब भेजी जा रही थी अवैध लकड़ी।
बड़ी कार्रवाई: बडूखर-रियाली क्षेत्र में नाकेबंदी के दौरान 8 वाहन (7 बोलेरो, 1 ट्रक) जब्त।
वन विभाग कटघरे में: लंबे समय से चल रहे अवैध कटान पर स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल।
चेकिंग में नहीं दिखा पाए वैध दस्तावेज
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस थाना फतेहपुर के तहत बडूखर-रियाली क्षेत्र में सीआईए नूरपुर की टीम ने नाका लगाया हुआ था। इसी दौरान लकड़ी से लदे 7 एनसी बोलेरो और एक ट्रक को जांच के लिए रोका गया। जब पुलिस ने वाहन चालकों से लकड़ी परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे, तो वे कोई भी कागजात प्रस्तुत करने में नाकाम रहे। इसके बाद पुलिस ने तुरंत लकड़ी समेत वाहनों को जब्त कर लिया और मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी।
मौन क्यों था वन विभाग? जनता पूछ रही सवाल
इस बड़ी कार्रवाई के बाद क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे कथित अवैध कटान और तस्करी के सिंडिकेट को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़ा रोष व्यक्त किया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र के जंगलों में लंबे समय से अवैध कटान और लकड़ी की तस्करी का यह खेल बेखौफ जारी था।सीआईए की इस कार्रवाई ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर इतने समय तक वन विभाग की निगरानी व्यवस्था कहां सो रही थी।लोगों का मानना है कि यदि वन विभाग ने समय रहते प्रभावी कदम उठाए होते, तो हरियाली पर इस कदर कुल्हाड़ी नहीं चलती।
पुलिस जांच में जुटी, एसपी ने दी जानकारी
इस पूरे मामले पर पुलिस जिला नूरपुर के एसपी कुलभूषण वर्मा ने अहम जानकारी साझा की। उन्होंने बताया-जांच में सामने आया है कि कुछ वाहन वन परिक्षेत्र जवाली के पट्टा जाटियां, फतेहपुर रिंग और टकबाल क्षेत्र से संबंधित हैं, जबकि कुछ वाहन रैहन के सकरी क्षेत्र से भरे गए थे। वाहन चालकों और मालिकों के विरुद्ध थाना फतेहपुर में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।एसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि यह गोरखधंधा कब से चल रहा था और इस पूरे नेटवर्क के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
क्या बेनकाब होंगे असली चेहरे
सीआईए की इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ ने व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जनता अब यह पूछ रही है कि आखिर किसके संरक्षण में जंगलों को लूटा जा रहा था और इतने लंबे समय तक जिम्मेदार विभाग मौन क्यों रहा? अब सभी की निगाहें पुलिस की निष्पक्ष जांच पर टिकी हैं कि इस ‘पुष्पा’ स्टाइल सिंडिकेट के असली सरगना कब सामने आते हैं।
रविंद्र चौधरी
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