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मृत्यु के बाद आधार और पैन का क्या करें, परेशानी में पड़ने से पहले जान लें नियम

PAN कार्ड सरेंडर से पहले जानिए जरूरी बात

मृत्यु के बाद आधार और पैन का क्या करें, परेशानी में पड़ने से पहले जान लें नियम

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भारत में पैन कार्ड (Pan Card) और आधार कार्ड (Aadhaar Card) को सबसे अहम दस्तावेजों में से एक माना जाता है। किसी भी जरूरी काम के लिए या फिर वैरिफिकेशन के लिए पैन कार्ड और आधार कार्ड की ही जरूरत होती है। अगर कभी पैन कार्ड और आधार कार्ड जैसे डॉक्यूमेंट खो जाए या फिर इनका गलत इस्तेमाल हो तो आपको इससे काफी नुकसान हो सकता है। ऐसे में इन दस्तावेजों की जानकारी हर किसी को कभी नहीं देनी चाहिए। आजकल तो जिंदा व्यक्ति के डॉक्यूमेंट का गलत इस्तेमाल हो जाता है तो मृत्यु के बाद इसकी ज्यादा संभावनाएं बन जाती है। आज हम आपको बताएंगे कि मृत्यु के बाद पैन कार्ड और आधार कार्ड का क्या करना चाहिए।

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गौरतलब है कि पैन कार्ड और आधार कार्ड दो ऐसे अहम डॉक्यूमेंट्स हैं, जिनके बिना आप कोई काम नहीं कर सकते हैं। बैंक में खाता खोलने से लेकर बड़े से बड़ा कारोबार खड़ा करने के लिए इन दो डॉक्यूमेंट्स की जरूरत होती है। बता दें कि बैंक अकाउंट, डीमैट अकाउंट और इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) (ITR) दाखिल करने के लिए पैन कार्ड सबसे जरूरी डॉक्यूमेंट है। इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने के लिए पैन कार्ड ही सबसे जरूरी डॉक्यूमेंट होता है। ऐसे में जब तक इनकम टैक्स रिटर्न का प्रोसेस पूरा ना हो जाए तब तक पैन कार्ड को संभालकर रखना चाहिए और जैसे ही डिपार्टमेंट का प्रोसेस पूरा हो जाए उसके बाद मृतक का कानूनी उत्तराधिकारी इस अकाउंट को बंद करने के लिए आयकर विभाग को पैन कार्ड सौंप सकते हैं।

पैन कार्ड सरेंडर करने से पहले निपटा लें ये काम
मृतक व्यक्ति के पैन कार्ड को सरेंडर करने से पहले सबसे जरूरी है कि मृतक के सभी खातों को किसी दूसरे शख्स के नाम पर ट्रांसफर करा दें या फिर इसे बंद करवा दें। दरअसल, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास ये अधिकार होता है कि वो चार साल के असेसमेंट को दोबारा खोल सकता है। इसलिए अगर मृतक का कोई टैक्स रिफंड बकाया रहता है तो उसे पहले ही चेक कर लें।

ऐसे सरेंडर करें पैन कार्ड
मृतक के पैन कार्ड को सरेंडर करना अनिवार्य नहीं है, अगर आपको ये लगता है कि भविष्य में आपको इसकी कभी भी जरूरत पड़ सकती है तो आप उसको अपने पास संभालकर भी रख सकते हैं। अगर आपको यह बंद करवाना है तो पैन कार्ड सरेंडर करने के लिए मृतक के कानूनी उत्तराधिकारी को असेसमेंट ऑफिसर को एक एप्लीकेशन देनी होती है। इस एप्लीकेशन में पैन कार्ड सरेंडर करने के बारे में लिखना होता है और इसके साथ ही मृतक का नाम, पैन कार्ड का नंबर, जन्मतिथि और डेथ सर्टिफिकेट भी उससे अटैच करना जरूरी है।

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मृत्यु के बाद आधार कार्ड का क्या करें
आधार कार्ड एक एड्रेस प्रूफ के तौर पर जरूरी डॉक्यूमेंट है और इसको आपके पहचान पत्र के रूप में भी इसे देखा जाता है। किसी स्कीम का फायदा लेने के लिए, एलपीजी गैस सब्सिडी, किसान सम्मान निधि समेत कई सरकारी योजनाएं हैं जिसके लिए आधार की जरूरत होती है, लेकिन मृत्यु के बाद आधार को बंद करवाने का अबतक तो कोई तरीका नहीं बताया गया है। किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसका आधार डिएक्टिवेट नहीं होता, क्योंकि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। आधार एक यूनीक नंबर होता है ऐसे में यह नंबर किसी और को नहीं दिया जा सकता है।

आधार कार्ड और पैन कार्ड दोनों की बेहद जरूरी डॉक्यूमेंट्स (Document) हैं। ऐसे में अगर ये खो जाते हैं तो मृतक के परिवार को परेशानी हो सकती है इसलिए किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद पैन कार्ड को सरेंडर करवा देना चाहिए। जबकि आधार कार्ड डिएक्टिवेट करने का फिलहाल कोई तरीका नहीं है, तो आप इसे संभाल कर रखना चाहिए।

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