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उम्मीदः Pong बांध विस्थापितों को जल्द मिलेगा हक

उम्मीदः Pong बांध विस्थापितों को जल्द मिलेगा हक

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Pong Dam Displaced ; शिमला। पौंग बांध विस्थापितों के हकों को लेकर सीएम वीरभद्र सिंह ने आवाज बुलंद कर दी है। वीरभद्र सिंह ने राजस्थान सरकार से पौंग बांध विस्थापितों को पुनः स्थापित करने के लंबित मामले को निश्चित समय सीमा में हल करने को कहा है, ताकि प्रभावित परिवारों को शीघ्र न्याय मिल सके।  सीएम वीरभद्र सिंह गुरुवार को हिमाचल सरकार तथा राजस्थान सरकार के मध्य पौंग डेम विस्थापितों के शेष परिवारों को पुनः स्थापित तथा भूमि आबंटित करने के लंबित पड़े मामलों को हल करने के लिए आयोजित की गई बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

राजस्थान सरकार के समक्ष सीएम वीरभद्र सिंह ने रखी बात

बैठक में दोनों सरकारों के प्रतिनिधि मंत्री तथा वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। विचार-विमर्श के उपरांत यह निर्णय लिया गया कि राजस्थान में भूमि के आबंटन से संबंधित पौंग डेम विस्थापितों के लंबित पड़े सभी मामलों की समीक्षा तथा आबंटन की प्रक्रिया 30 सितंबर, 2017 तक पूरी कर दी जाएगी। हिमाचल सरकार इस संबंध में राजस्थान सरकार को सभी आवश्यक दस्तावेज सौंपना सुनिश्चित करेगी। 


दस्तावेजों में कमी पर राहत एवं पुनर्वास उपायुक्त को करें संपर्क

राजस्थान सरकार इन मामलों में शीघ्र स्वीकृति प्रदान करेगी। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि दस्तावेजों में किसी भी प्रकार की कमी रहने की स्थिति में हिमाचल सरकार के राहत एवं पुनर्वास उपायुक्त को व्यक्तिगत तौर पर संपर्क किया जा सकता है, ताकि समय बर्बाद न हो। राजस्थान सरकार ने निर्णय लिया कि बीकानेर में उपनिवेशण आयुक्त के कार्यालय में प्रत्येक माह के प्रथम सोमवार को शेष बचे पौंग बांध विस्थापितों को भूमि आबंटित करने के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे। हिमाचल सरकार के राहत एवं पुनर्वास उपायुक्त पात्र विस्थापितों के बीच इन शिविरों का विस्तृत प्रचार को सुनिश्चित बनाएंगे। इसके अतिरिक्त, उपायुक्त या उनकी ओर से कोई अधिकारिक प्रतिनिधि शिविरों में उपस्थित रह कर भूमि  आबंटन की प्रक्रिया में सहयोग देंगे।

जरूरत पड़ी तो लागू होगा नियम 7-ए

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जहां आवश्यक हुआ तो नियम 7-ए लागू किया जाएगा तथा राजस्थान सरकार नियमों में उल्लेखित 18 प्रतिशत ब्याज के प्रावधान पर भी विचार करेगी। सिंचाई सुविधा का अभाव, मालिकाना हक के चलते भूमि से अलगाव, भूमि की किस्त जमा करने में परेशानी जैसी अन्य समस्याओं पर भी विशेष रूप से विचार किया गया। प्रधान सचिव राजस्व तथा राजस्थान सरकार के उपनिवेशण आयुक्त ने तीन माह की समयावधि में इन सभी समस्याओं का निवारण करने का आश्वासन दिया।

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