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मृतक के लिए क्यों लिखते हैं RIP, यहां जानें इसका सही मतलब

18वीं शताब्दी से इस्तेमाल किया जाता है रिप शब्द

मृतक के लिए क्यों लिखते हैं RIP, यहां जानें इसका सही मतलब

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जब भी किसी की मृत्यु हो जाती है तो हम देखते हैं लोग अक्सर रिप (RIP) शब्द का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, बहुत सारे लोग ऐसे हैं जिन्हें इस शब्द का मतलब भी नहीं पता होगा। आज हम आपको रिप शब्द का सही मतलब बताएंगे और ये भी बताएंगे कि इस शब्द की शुरुआत कब और कैसे हुई।

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आपको बता दें कि किसी के मरने के बाद जो हम लोग RIP लिख देते हैं, इस रिप का मतलब काटना होता है। वहीं, दूसरी तरफ RIP एक एक्रोनीम है। रिप की फुल फॉर्म रेस्ट इन पीस होती है। रेस्ट इन पीस की उत्पत्ति लैटिन फ्रेज Requiescat IN Pace से हुई है, जिसका मतलब होता है शांति से सोना। हिंदी में इस शब्द का संदर्भ है आत्मा को शांति मिले।

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ईसाई धर्म में माना जाता है कि मृत्यु के बाद आत्मा शरीर से अलग हो जाती है और जजमेंट डे के दिन दोनों फिर से मिल जाएंगे। कहा जाता है कि कोई व्यक्ति अगर चर्च की शांति में मरता है तो उसकी आत्मा का मिलान जीसस क्राइस्ट से होता है। रिप शब्द का इस्तेमाल 18वीं शताब्दी से माना जाता है। इससे पहले 5वीं शताब्दी में मरने के बाद कब्रों पर Requiescat IN Pace शब्द लिखे मिले हैं। सबसे पहले इस शब्द का प्रचलन ईसाई धर्म में बढ़ा और फिर ये शब्द ग्लोबल हो गया।

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