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निर्जला एकादशी : कठिन होता है व्रत, शुभ फल पाने के लिए करें ये उपाय
निर्जला एकादशी की व्रत ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष को रखा जाता है। आज निर्जला एकादशी (NIRJALA EKADASHI) का व्रत रखा जाएगा। ये व्रत बेहद कठिन माना जाता है। इस व्रत को रखने वाला व्यक्ति दिनभर पानी तक का सेवन नहीं करता है। आज के दिन विष्णु भगवान की पूरे विधि-विधान के साथ पूजा करनी चाहिए। आज हम आपको कुछ उपाय बताएंगे, जिनसे आप इस व्रत का शुभ फल पा सकते हैं।

ये है शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार वैष्णव और गृहस्थ दोनों निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून को ही रखेंगे, क्योंकि इस बार 25 जून को सूर्योदय के समय एकादशी तिथि मिल रही है।
ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत- 24 जून को शाम 06 बजकर 12 मिनट पर
ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का समापन- 25 जून को रात 08 बजकर 09 मिनट पर
व्रत पारण करने का समय- 26 जून को सुबह 05 बजकर 25 मिनट से 08 बजकर 13 मिनट तक
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बता दें कि निर्जला एकादशी के व्रत को बेहद फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से व्यक्ति को साल की सभी 24 एकादशी व्रत करने जितना फल मिलता है। निर्जला एकादशी का व्रत रखने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। गौरतलब है कि इन दिनों गर्मी बहुत ज्यादा है और इस व्रत में पानी पीना वर्जित होता है। ऐसे में ये व्रत रखने के पहले अपनी सेहत का आंकलन कर लें।

ध्यान रहे कि इस व्रत में व्रती को खुद पानी नहीं पीना होता है, लेकिन इस व्रत में व्रती को राहगीरों और पशु-पक्षियों को पानी पिलाने के लिए कहा गया है। आज आप अपने छत या घर के बाहर पशु-पक्षियों के लिए पानी रखकर पुण्य कमा सकते हैं।
आज के दिन शारीरिक और मानसिक संयम का पालन करना चाहिए। आज के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें और अपने मन में किसी के लिए भी बुरे विचार ना लाएं। आज के दिन खूब दान-पुण्य करें और व्रत का शुभ फल पाएं। ध्यान रहे कि आज का दिन जो लोग ये व्रत नहीं कर रहें हैं वो आज चावल, बैंगन, शलजम आदि का सेवन ना करें।

