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10 हजार फीट की ऊंचाई पर स्नो मैराथन, बर्फ की चादर पर दौड़े धावक
केलांग। प्रदेश सरकार द्वारा पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए लाहुल के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल सिस्सू में दूसरी बार स्नो मैराथन का आयोजन किया गया जिसमें ढाई सौ के करीब धावकों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए सहायक आयुक्त लाहुल स्पीति डॉक्टर रोहित शर्मा ने कहा कि इस स्नो मैराथन का मुख्य उद्देश्य जिला में शीतकालीन खेलों को बढ़ावा देना और स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उनके आर्थिक स्थिति को संबल प्रदान करना है । गौरतलब है कि विश्व के 11 देशों में प्रचलित स्नो मैराथन दौड़ से इको फ्रेंडली एडवेंचरस कल्चर को देश में बढ़ावा देते हुए लाहुल में यह दूसरी बार यह आयोजन किया गया।
यह रहे स्नो मैराथन दौड़ के विजेता
पुरुष वर्ग की फुल मैराथन में विकेश सिंह सोलन से प्रथम स्थान पर और दूसरे स्थान पर कुल्लू से कुशाल ठाकुर रहे। फुल मैराथन महिला वर्ग में तेंजिन डोलमा प्रथम स्थान पर रही व हाफ मैराथन में महिला वर्ग में मनाली से पलक ठाकुर रही। हाफ मैराथन में पुरुष वर्ग में बिलासपुर से अनीश चंदेल प्रथम स्थान व चंबा से पवन कुमार दूसरे स्थान पर रहे। 10 किलोमीटर की महिला वर्ग की स्नो मैराथन दौड़ में प्रथम स्थान पर सन्ना रही |
फिट इंडिया व युवाओं को नशे की बुराई से दूर रखने के लिए भी संदेश दिया
जिला प्रशासन व रीच इंडिया संस्था के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित स्नो मैराथन द्वारा फिट इंडिया व युवाओं को नशे की बुराई से दूर रखने के लिए भी संदेश दिया गया | राष्ट्रीयस्तर की स्नो मैराथन में विदेशी धावकों ने भी हिस्सा लिया। प्रातः 6बजे बजे 10 हजार फीट की ऊंचाई वाले पर्यटन स्थल सिस्सू में लगभग माइनस 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तापमान में 42 किलोमीटर फुल स्नो मैराथन21 किलोमीटर की हाफ मैराथन 10 किलोमीटर तथा 5 किलोमीटर की पुरुष एवं महिला वर्ग की दौड़ के अतिरिक्त डॉग रेस भीआयोजित की गई।इस अवसर रीच इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजीव कुमार, मुख्य आयोजन सलाहकार कर्नल अरुण नटराजन, आयोजन निष्पादन प्रमुख राजेश चांद व गौरव सिमर कार्यकारी निदेशक वह भारी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद रहे |
चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तराखंड, नार्थ ईस्ट सहित दक्षिण भारत के धावकपहुंचे
देश भर से लगभग 252 धावक चार विभिन्न श्रेणियों में इस वार्षिक मैराथन के लिये जुटे थे। सैन्य कर्मियों विशेष नौ सेना और भारतीय सेना की इस बार व्यापक भागीदारी देखने को मिली। मैराथन में हिमाचल प्रदेश के अलावा चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तराखंड, नार्थ ईस्ट सहित दक्षिण भारत के धावकों का कड़ा मुकाबला देखने को मिला। गौरव शिमर के अनुसार गत वर्ष लगभग 115 धावकों ने भाग लिया था जो कि इस बार लगभग दोगुनी होकर 252 हो गई थी। मैराथन के दौरान मोहाली स्थित फोर्टिस हस्पताल की चिकित्सीय दल ने 42 किलोमीटर के मैराथन रुट पर धावकों के साथ किसी भी अप्रिय घटना की निपटने के लिये मेडिकल सेवायें प्रदान की।
विश्व की पहली डॉग्स रेस का आयोजन
स्नो मैराथन लाहुल के साथ ही विश्व की पहली डॉग्स रेस का आयोजन भी करवाया गया। आयोजन को आयोजित करने का उद्देश्य पालतू पशुओं विशेषकर कुत्तों और उनके मालिकों के बीच उनके परस्पर प्रेम को और अधिक मजबूती प्रदान करवाना था। मनाली में आवारा पशुओं के उत्थान के लिये प्रयासरत एनजीओ – ‘मनाली स्ट्रेज’ द्वारा आयोजित इस पहले आयोजन – स्नो टेल्स में 14 कुत्तों ने अपने मालिकों सहित भाग लिया। गौरव शिमर के अनुसार पहली बार आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय लोगों ने काफी रुचि दिखाई। उनका उद्देश्य इसे स्नो मैराथन के साथ वार्षिक आयोजन बनाना है। उन्होने बताया कि इस कार्यक्रम से एकत्रित की गई धनराशि को लाहुल स्पीति व मनाली के आवारा पशुओं के पुनर्वास के लिये व्यय जायेगा।