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ये कैसी मजबूरी : एक बच्ची की जान बचाने को 10 हजार रुपए में कर लिया दूसरी का सौदा

महिला एवं बाल कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बच्ची को किया रेस्क्यू

ये कैसी मजबूरी : एक बच्ची की जान बचाने को 10 हजार रुपए में कर लिया दूसरी का सौदा

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नई दिल्ली। मजबूरी इंसान से क्या नहीं करवाती ये तो आपने सुना ही होगा, लेकिन क्या कभी आपने ऐसा सुना है कि एक बच्चे की जान बचाने को मां-बाप ने दूसरे की जिंदगी दांव पर लगा दी हो। कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के नेल्लोर में। यहां पर मजबूर मां-बाप ने बड़ी बेटी के इलाज के खर्चे के लिए छोटी बेटी को 46 साल के शख्स को बेच दिया। बच्ची को बाद में महिला एवं बाल कल्याण विभाग के अधिकारियों ने छुड़वा लिया है।


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जानकारी के अनुसार ये दंपति (Couple) दिहाड़ी-मजदूरी करता है। इनकी 12 और 16 साल की दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी सांस की बीमारी से जूझ रही है और उसका काफी समय से इलाज चल रहा है। बेटी के इलाज का खर्च बढ़ता जा रहा है और ये लोग इस स्थिति में नहीं थे तो इन्होंने अपनी 12 साल की बेटी को 46 साल के अधेड़ शख्स चिन्ना सुबैया को बेच दिया। सुबैया ने लड़की से शादी भी कर ली। सुबैया कोट्टुर निवासी दंपती के पड़ोस में ही रहता है। पारिवारिक विवाद के कारण सुबैया की पत्नी उसे छोड़कर चली गई थी। उसने दंपति से 10 हजार रुपए में सौदे को पक्का किया, जबकि दंपति ने उससे 25,000 रुपए की मांग की थी।

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नाबालिग को खरीदने के बाद सुबैया ने उससे शादी की और दामपुर स्थित अपने रिश्तेदार (Relative) के घर ले आया। पड़ोसियों ने बच्ची के चीखने और रोने की आवाज सुनी तो महिला एवं बाल कल्याण विभाग को सूचना दी। विभाग के अधिकारी ने बताया कि वे सुब्बैया के रिश्तेदारों के घर गए और पूछा की क्या हो रहा है। उन्होंने फिर स्थानीय सरपंच से संपर्क किया, जिन्होंने उनको मामले की जानकारी दी थी। बच्ची को महिला और बाल कल्याण विभाग के अधिकारियों ने वहां से बचा लिया। उसे जिले के शिशु देखभाल केंद्र में स्थानांतरित कर दिया गया है, जहां उसकी काउंसलिंग की जा रही है। पुलिस सुबैया के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।

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