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कांग्रेस की लूज बेटिंग पर Vikramaditya से नहीं रहा गया-कह डाला कुछ ऐसा, पढ़ लें आप भी

शीर्ष नेतृत्व को गहन चिंतन.मंथन और समय रहते कठोर निर्णय लेने की आवश्यकता

कांग्रेस की लूज बेटिंग पर Vikramaditya से नहीं रहा गया-कह डाला कुछ ऐसा, पढ़ लें आप भी

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शिमला। पांच राज्यों के चुनावी नतीजों के बाद (Election Results of Five States) कांग्रेस की हालत पर पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के विधायक बेटे विक्रमादित्य सिंह (Vikramaditya Singh) ने अपने फेसबुक वॉल पर लिखा है_ अब वो समय आ गया है ए जब हमें पूर्ण रूप से आत्मचिंतन करने की आवश्यकता है, हमने पहले भी कई बार इस विषय पर विचार रखे हैं और आज पुनः उस बात को दोहरा रहे हैं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत पार्टी में लोकतांत्रिक तरीके से संगठनात्मक चुनाव करवाना और उसके माध्यम से नेतृत्व को चुनना रहीं हैं। इतिहास के हर पन्ने हम उठाकर देखें चाहें आज़ादी के पहले या उसके बाद, हमें हमेशा बूथ स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक चुनाव, संगठनात्मक चर्चा और हर मुद्दे पर तर्क के साथ समर्थन व असहमति के कई उदाहरण मिलेंगे,जो हमेशा कांग्रेस पार्टी (Congress Party) की विशेषता रहीं हैं।जैसा पार्टी नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) सदैव कहते हैं, की कांग्रेस केवल एक पार्टी नहीं परंतु एक सोच हैं, देश के विभिन्न प्रांतों,समुदाय, वर्ग को एक माला में पिरोने का काम हमेशा कांग्रेस पार्टी ने किया है, जिसने हर विचारधारा के लोगों को पनपने और अपने विचार रखने की स्वतंत्रता दिलाई हैं। कोरोना काल के पश्चात राष्ट्रीय स्तर से बूथ स्तर तक संगठनात्मक चुनाव (Organizational Elections) करवाना, राज्य के नेताओं का सशक्तिकरण और मुद्दा आधारित राजनीति ही हमारे विचार से आगे का रास्ता हैं, जिस पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को गहन चिंतन.मंथन और समय रहते कठोर निर्णय लेने की आवश्यकता है।


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जाहिर है विधायक विक्रमादित्य सिंह कई मुद्दों पर पहले भी अपना राय रखते रहे हैं। ऐसे में देखना यह है कि क्या पार्टी इन सुझावों को मानती है या फिर उसी पुराने ढर्रे पर चलती रहती है। याद रहे कि देश में इतने लंबे समय तक सत्ता में रहने वाली कांग्रेस के पास आज के समय में एक पूर्णकालिक अध्यक्ष तक नहीं है। देश के पांच राज्यों के चुनावी नतीजों में कांग्रेस का जिस तरह से प्रदर्शन रहा है, उसे देखते हुए पार्टी के भीतर व बाहर से सवाल उठने लाजिमी है। कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता पिछले कुछ समय से पार्टी में गंभीर बदलाव की बात कह रहे हैं।

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