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Corona पीड़ित युवक के अंतिम संस्कार मामले में High Court का प्रदेश सरकार को Notice जारी
याचिका में कहा,मृतक के माता-पिता की भावनाओं को ठेस पहुंची
याचिकाकर्ता ने कहा कि प्रशासन द्वारा अंतिम संस्कार संपन्न कराए जाने के तरीके से मृतक के माता.पिताए सरकाघाट क्षेत्र के लोगों एवं स्वयं उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। इसके अलावा युवक के माता पिता को असंवैधानिक ढंग से उसके अंतिम संस्कार के अधिकार से भी वंचित किया गया। अनिल कुमार ने याचिका में कहा है कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोविड -19 से हुई मृत्यु के बाद शवों के अंतिम संस्कार (Funeral) को लेकर 15 मार्च को विस्तृत गाइडलाइंस जारी की थीं। लेकिन इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (IGMC)में सरकाघाट के युवक की मृत्यु के पश्चात इन गाइडलाइंस को लागू नहीं किया गया।
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उन्होंने कोर्ट को बताया कि इन गाइडलाइंस में स्पष्ट कहा गया है कि शव को किस तरह बैग में पैक किया जाएगा और मृतक के संबंधियों को उसका एक छोर खोलकर चेहरा दिखाया जा सकता है। लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया। बल्कि शव को लावारिस घोषित कर रात को डीजल डालकर जलाया गया। जबकि हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार नहीं हो सकता।

याचिका में आरोप,कर्मचारी चिता जलते ही वापस चले गए


