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कांग्रेसियों ने दिखाए तेवर बोले – स्वास्थ्य विभाग बना घोटाला विभाग, अब CM Jai Ram दें इस्तीफा
शिमला। कोरोना काल के दौरान स्वास्थ्य विभाग में हुए घोटालों को लेकर कांग्रेस पार्टी सरकार पर पूरी तरह से हमलावर है। कांग्रेस विधायक दल की एक आपात बैठक नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में हिमाचल प्रदेश विधान सभा(Himachal Pradesh vidhansabha) के विपक्ष लांज में हुई। कांग्रेस के सभी विधायको ने एक सुर में हिमाचल प्रदेश की जय राम सरकार) Jai ram Govt) को घोटालों की सरकार करार देते हुए व सीएम को प्रबंधन में नाकाम मानते हुए पद से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की । बैठक में कांग्रेस के पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह ( (Virbhadra Singh) सहित सभी विधायक मौजूद रहे। बैठक में दलील दी गई कि जय राम सरकार सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार खो चुकी है। मामले की उच्च न्यायालय के सिटिंग जज से जांच व कोविड फंड पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की जाएगी। कांग्रेस जमीनी स्तर पर इसको लेकर आंदोलन खड़ा करेगी।
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कोविड फंड को लेकर श्वेत पत्र जारी करे सरकार
नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग (Health Department) घोटाला विभाग बनकर रह गया है। कारोना जैसी वैश्विक त्रासदी में भी सेनिटाइजर घोटाला हो जाता है, पीपीई किट घोटाला और अब वेंटिलेटर ख़रीद घोटाला हो गया। इसकी जिम्मेदारी सीधा स्वास्थ्य मंत्री के नाते सीएम जयराम ठाकुर की बनती है इसलिए सीएम को भी डॉक्टर राजीव बिंदल की तरह पर नैतिकता के आधार पर इस्तीफ़ा देना चाहिए। सरकार कोविड फंड को लेकर श्वेत पत्र जारी करे क्योंकि इसमें प्रदेश के हर वर्ग ने अपना योगदान दिया है।

मामले को लेकर पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि वह इस दौरान बीमार चल रहे थे इसलिए इस बारे में ज्यादा जानकारी तो नहीं है, लेकिन जिस तरह की शिकायतें सुनने को मिल रही हैं उससे साफ है की कमियां तो हैं। भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं लेकिन इसकी व्यक्तिगत जानकारी नहीं है। मामले की पूरी जांच होनी चाहिए। बैठक करीब दो घंटे तक चली इसमें वीरभद्र सिंह सहित आशा कुमारी, राम लाल ठाकुर, सुक्खविन्द्र सिंह सुक्खु, हर्षवर्धन चौहान, जगत सिंह नेगी के अलावा कई वरिष्ठ विधायकों ने अपनी राय रखी। कोरोना काल में इस बैठक में सरकार को घेरने का पूरा रोडमैप तैयार करते हुए कांग्रेस विधायक दल ने अपनी मांग दोहराई कि हिमाचल प्रदेश में विधान सभा के विशेष सत्र की तत्काल जरूरत है ताकि प्रदेश में जो काले कारनामे कोरोना काल में हुए हैं और खासतौर पर जिस तरीके से इंदिरा गांधी मैडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को बदला गया, एसडीएम. नादौन को बदला गया और स्वास्थ्य निदेशक की गिरफ्तारी हुई, कोरोना काल में यह देशद्रोह के साथ जुड़े मसले हैं इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसलिए इस सरकार को घोर विफल सरकार करार देते हुए पार्टी ने यह कहा कि यह सरकार जनमानस के लिए खतरा बनी हुई है और इसके कारण लोकतंत्र पूरी तरह समाप्त हो चुका है। अब इस सरकार से कोई उम्मीद करना बाकी नहीं बची है।


