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राहत की बातः #Himachal में नए बिजली कनेक्शन की बढ़ी सिक्योरिटी को लेकर High Court जाएगी सरकार
लेखराज धरटा/शिमला। हिमाचल में कोरोना महामारी के दौरान बिजली के नए कनेक्शन की सिक्योरिटी में बड़ा इजाफा किया गया है। हालांकि, ऐसा हाईकोर्ट के आदेशों के चलते हुआ है। उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरकार हाईकोर्ट (High Court) में अपील दायर करेगी। जी हां, यह हम नहीं कर रहे बल्कि यह कहना है ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी का। आइए आपको बताते हैं कि मीडिया से बातचीत में सुखराम चौधरी क्या बोले। उन्होंने कहा कि बद्दी में एक उद्योग बंद हो गया। बिजली बोर्ड का एक करोड़ चार लाख से अधिक बकाया रह गया। बकाए की रिकवरी का केस हाईकोर्ट में लगाया गया। हाईकोर्ट ने बिजली बोर्ड (Electricity Board) के अधिकारियों से पूछा कि कोई फैक्ट्री आदि बंद होने से आप रिकवरी कैसे करते हैं। बिजली बोर्ड के अधिकारियों ने कोर्ट में रिप्लाई किया कि सिक्योरिटी जब्त करके। पर सिक्योरिटी काफी कम है। इस पर हाईकोर्ट ने एक नया प्रस्ताव लाने के लिए कहा। हाईकोर्ट के आदेशानुसार एक नई पॉलिसी (New Policy) बनाई गई। पर उसमें रेट जरूरत से कहीं ज्यादा हैं। उनके संज्ञान में जब मामला आया तो उन्होंने सीएम जयराम ठाकुर (CM Jai Ram Thakur) से बातचीत की। सरकार ने फैसला लिया है कि रिवाइज के लिए हाईकोर्ट में अपील की जाएगी। दो-तीन दिन में मामला हाईकोर्ट में लग जाएगा। हमारी कोशिश रहेगी कि इस मामले में स्टे लिया जाए और पुरानी पॉलिसी बहाल हो। उसके बाद आपसी विचार-विमर्श करके कितनी सिक्योरिटी बढ़नी चाहिए इस पर विचार होगा।
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उन्होंने कहा कि इस वक्त बिजली बोर्ड ने करीब 100 करोड़ बकाया वसूल करना है। हिमाचल में आठ हजार ऐसे उपभोक्ता हैं, जिन्होंने बिजली कनेक्शन कटवा दिया है और उनका पांच करोड़ बकाया पड़ा है। उद्योगों के भी करोड़ों में बकाया है। उन्होंने कहा कि बिजली बोर्ड का ऐसा कोई कानून तो नहीं है, जिससे रिकवरी की जा सके। बस सिक्योरिटी (Security) ही जरिया है। हाईकोर्ट में स्टे के बाद नई पॉलिसी बनाएंगे। सिक्योरिटी बढ़ाते ध्यान रखा जाएगा कि उपभोक्ताओं पर ज्यादा बोझ ना पड़े।ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने कहा कि आने वाले एक साल में 99 फीसदी पोल चेंज कर दिए जाएंगे। हर डिवीजन को उनकी डिमांड के अनुसार पोल उपलब्ध करवा दिए गए हैं। अब तक 30 फीसदी बदले भी जा चुके हैं। ट्रांसफार्मर रिपेयर का काम प्राइवेट सेक्टर से करवाने पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रांसफार्मर काफी मात्रा में जलते हैं। इसके लिए बिजली बोर्ड की तीन वर्कशाप हैं। जहां पर प्रतिवर्ष करीब 800 ट्रांसफार्मर की रिपेयर की जाती है। यह भी प्रयास किए जा रहे हैं कि लगें ट्रांसफार्मर (Transformer) से दो तीन फीसदी स्पेयर पड़े हों। उन्होंने कहा कि 210 मेगावाट के लुहरी प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार ने 1800 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। वह इसके लिए पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) का धन्यवाद करते हैं। प्रोजेक्ट तैयार होने से हिमाचल को काफी लाभ होगा। हजारों बेरोजगारों को स्थाई व अस्थाई रोजगार मिलेगा।

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