-
Advertisement
#Containment_Zone में होगी सख्ती, हिम सुरक्षा अभियान में महिला मंडल होंगे शामिल
शिमला। कैबिनेट (#Cabinet) ने कोरोना (Corona) वायरस की चेन को तोड़ने के लिए कंटेनमेंट जोन में सख्ती लागू करने का निर्णय लिया। सक्रंमित व्यक्तियों की प्रारंभिक चरण में पहचान के लिए रैंडम सैंपलिंग की जाएगी, ताकि आगे फैलाव को रोका जा सके। कैबिनेट ने यह निर्णय लिया कि सभी मंत्री उन्हें सौंपे गए जिलों में हिम सुरक्षा अभियान का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करेंगे। वह सभी स्तरों पर कोविड-19 (Covid-19) मामलों की संख्या में कमी लाने के लिए प्रभावी कदम सुनिश्चित करेंगे और चिकित्सा संस्थानों में विभिन्न प्रबंधों की समीक्षा करेंगे। कैबिनेट ने हिम सुरक्षा अभियान (Him Suraksha Abhiyan) और एंटी कोविड अभियान में महिला मंडलों को शामिल करने का निर्णय लिया। कोविड-19 से सुरक्षा से संबंधित संदेश प्रचारित करने के लिए युवा स्वयंसेवकों को शामिल करने का निर्णय लिया गया।
यह भी पढ़ें: #Himachal: हिम सुरक्षा अभियान में आंगनबाड़ी कर्मियों की #Duty का विरोध, CM को लिखी पाती
कैबिनेट ने जिला चंबा में राजकीय महाविद्यालय लिल्ह कोठी का नाम बदलकर राजकीय न्यू मॉडल महाविद्यालय लिल्ह कोठी करने को अनुमति प्रदान की। इस महाविद्यालय का शिलान्यास पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने वर्चुअल माध्यम से किया था। हिमाचल प्रदेश के सभी नगरों की प्रमुख सड़कों पर यातायात के सुचारू संचालन और पार्किंग की बढ़ती आवश्यकता को पूरा करने के लिए कैबिनेट ने हिमाचल प्रदेश नगर नियोजन नियम, 2014 में ओपन टू स्काई पार्किंग का प्रावधान करने का निर्णय लिया। इस प्रावधान के अनुसार सड़क के वैली साइड और हिल साइड पर स्थित सभी भवनों जिनमें प्लॉट के भीतर न्यूनतम दो मीटर का स्पष्ट सेटबैक, नियंत्रित चौड़ाई/दीवार और सड़क से स्पष्ट पहुंच हो वहां ऐसे सेटबैक के 50 प्रतिशत सेटबैक के अग्र भाग पर ओपन टू स्काई पार्किंग की अनुमति होगी। वैली साइड भवनों के मामलें में भवन मालिकों को स्टील के अस्थाई ढांचे/ऐसे सैटबैक के 50 प्रतिशत अग्र भाग पर रैंप पर ओपन टू स्काई पार्किंग बनाने की अनुमति होगी। इस तरह की प्रस्तावित अस्थाई पार्किंग प्लेटफॉर्म सी-थ्रू, छिद्रित, जालीनुमा होने चाहिए ताकि इसमें समुचित स्थान, प्रकाश और वायु संचालन हो सके। इससे आपदा प्रबंधन प्रयासों और साथ लगती सड़क पर सुचारू यातायात में बाधा नहीं आनी चाहिए। यह पंजीकृत स्ट्रक्चरल इंजीनियर से विधिवत रूप से प्रमाणित होना चाहिए।
हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group


