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यूक्रेन में फंसे हिमाचली छात्रों को वापस लाने के बारे में क्या बोले शिक्षा मंत्री गोविंद , यहां पढ़े
शिमला। यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध के हालत को लेकर भारतीय दूतावास ने लोगों को हिदायत दी है कि जरूरी होने पर ही यूक्रेन ( Ukraine) के लिए रवाना हो। इस समय लगभग 20 हजार भारतीय यूक्रेन में मौजूद है, जिनमें 18 हजार के लगभग छात्र ( Student) हैं। हिमाचल प्रदेश से भी काफी संख्या में छात्र यूक्रेन में पढ़ाई कर रहे हैं। प्रदेश सरकार ने यूक्रेन में पढ़ रहे छात्रों को सुरक्षित वापिस लाने के लिए हर संभव मदद करने की बात कही है।
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शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ( Education Minister Govind Singh Thakur)ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि भारतीय दूतावास ने लोगों को यूक्रेन से अपने देश की तरफ लौटने का आग्रह भी किया है। इसी तरह प्रदेश सरकार भी छात्रों को अपने देश लौटने के लिए हर संभव मदद करेगी। हालांकि अभी तक हिमाचल से किसी भी छात्र या अभिभावक की तरह से कोई सहायता मांगी नहीं गई है, लेकिन कोई अपने देश लौटना चाहता है तो प्रदेश सरकार उनकी मदद करेगी।
जाहिर है कि यूक्रेन में हिमाचल प्रदेश ( Himachal Pradesh) के 116 लोग फंसे होने की सूचना है। प्रदेश के गृह विभाग की ओर से यूक्रेन में फंसे हुए लोगों का डाटा एकत्रित किया जा रहा है। गृह सचिव भरत खेड़ा के अनुसार पुलिस विभाग के माध्यम से यूक्रेन में रह रहे लोगों का डाटा एकत्रित किया जा रहा है, जिसमें अभी तक हिमाचल के 116 लोगों के यूक्रेन में होने का पता चला है। यूक्रेन में रह रहे जो लोग वापस आना चाहते हैं, उन्हें लाने के लिए एयर इंडिया सहित अन्य विशेष फ्लाइटें चलाई जा सकती हैं, ताकि लोगों को सुरक्षित वापस पहुंचाया जा सके। हाल ही में भारतीय दूतावास द्वारा एक एडवाइजरी जारी की गई थी, जिसमें कहा गया है कि यूक्रेन में रह रहे भारतीय नागरिक, खासतौर से छात्र जिनका रुकना जरूरी नहीं है, वे अस्थायी रूप से निकलने पर विचार कर सकते हैं।
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