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हाईकोर्ट का आदेश: CHC में डॉक्टरों की तैनाती सुनिश्चित करे सरकार
शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में डॉक्टरों की तैनाती (Posting of Doctors) सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने इस बारे में राज्य सरकार से स्टेटस रिपोर्ट (Status Report) तलब की है। मामले की सुनवाई 3 अगस्त को निर्धारित की गई है।
याचिकाकर्ता देवेंद्र शर्मा और अन्य ने घनाहटी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नियमित चिकित्सक की तैनाती की गुहार लगाई थी। अदालत ने 26 सितंबर 2020 को सूबे के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की तैनाती के आदेश दिए थे। अदालत ने अपने निर्णय में कहा था कि दूर-दराज के स्वास्थ्य केंद्रों में लोगों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाने के लिए उचित स्टाफ की जरूरत है। अदालत ने राज्य सरकार को आदेश दिए थे कि इस बारे में उचित कदम उठाएं। 9 नवंबर 2020 को अदालत ने सीधी भर्ती या अन्य माध्यम से इन पदों को भरने के आदेश दिए थे।
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चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए हुई भर्ती
अदालत को बताया गया था कि वर्ष 2016 में सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के तहत हरेक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक चिकित्सक, एक फार्मासिस्ट और एक सेवादार की नियुक्ति का प्रावधान किया गया है। अदालत को बताया गया था कि प्रदेश के लगभग 98 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 2016 के दिशा-निर्देशों के विपरीत स्टाफ की तैनाती की गई है। अदालत ने पाया था कि इन केंद्रों में स्टाफ की तैनाती अपने चहेतों को समायोजित करने के लिए की गई है, जिसका सीधा असर राजकोष पर पड़ रहा है। अदालत ने राज्य सरकार को आदेश दिए थे कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की उचित व्यवस्था की जाए।

