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केंद्र की मजदूर विरोधी नीतियों के विरोध में सीटू की देश्व्यापी हड़ताल 16 फरवरी को
एचके पंडित /नाहन। सीटू (CITU) ने केंद्र सरकार की मजदूर, कर्मचारी, ट्रांसपोर्टर, किसान और जनता विरोधी नीतियों खिलाफ 16 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल (Countrywide Strike ) का ऐलान किया है। यह फैसला रविवार को संगठन की जिला कमेटी की नाहन (Nahan) में हुई बैठक में लिया गया। सीटू व अन्य केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के बैनर तले हिमाचल प्रदेश के हज़ारों मजदूर 16 फरवरी को जिला और ब्लॉक मुख्यालयों पर जोरदार प्रदर्शन (Agitation) करेंगे।
ये हैं मजदूरों की प्रमुख मांगें
सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने बताया कि मजदूरों की यह हड़ताल न्यूनतम वेतन (Minimum Salary) 26 हज़ार रुपये घोषित करने, मजदूर विरोधी चार लेबर कोड्स (Labor Codes) को रद्द करने, किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) देने, स्वामीनाथन कमीशन की सिफारिशों को लागू करने, शहरी क्षेत्रों में विस्तार के साथ ही मनरेगा में 375 रुपये प्रति दिन की मजदूरी पर 200 दिन कार्य दिवस प्रदान करने जैसी मांगों को लेकर की जाएगी।
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केंद्र पर पूंजीपति परस्त नीतियां बनाने का आरोप
विजेंद्र मेहरा ने कहा है कि केन्द्र की मोदी सरकार की नवउदारवादी (Neoliberal ) और पूंजीपति परस्त नीतियों के कारण बेरोजगारी, गरीबी, असमानता व रोजी-रोटी का संकट बढ़ रहा है। पेट्रोल, डीज़ल, रसोई गैस, खाद्य वस्तुओं के दामों में भारी वृद्धि हो रही है।

