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बीजेपी का ऑल पार्टी मीटिंग से वॉकआउट, सीएम सुक्खू बोले- बीजेपी के लिए प्रदेश हित नहीं, बल्कि कुर्सी हित बड़ा
All Party Meeting RDG: हिमाचल सरकार ने रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद होने पर ऑल पार्टी मीटिंग बुलाई। मगर बीजेपी विधायक बीच में ही मीटिंग छोड़कर चले गए। सीएम सुखविंदर सुक्खू ने मीटिंग के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि बीजेपी के लिए प्रदेश हित नहीं, बल्कि कुर्सी हित बड़ा है। ये समझ नहीं पा रहे हैं कि करना क्या है। बीजेपी कभी प्रदेश हित में खड़ी नहीं हुई। ग्रांट खत्म होना गलत है, बीजेपी नेता भी महसूस कर रहे लेकिन बोल नहीं पा रहे, क्योंकि उन्हें कुर्सी की चिंता है।
मीटिंग का वेन्यू पीटरहॉफ किया
सीएम ने कहा कि सरकार ने बीजेपी के कहने पर ही ऑल पार्टी मीटिंग बुलाई थी। इन्हीं के कहने पर मीटिंग का वेन्यू सचिवालय से बदलकर पीटरहॉफ किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी विधायक उनकी बात सुनने से पहले ही मीटिंग छोड़कर बाहर चले गए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार हिमाचल के अधिकारों की लड़ाई लड़ेगी।बीजेपी अपने अधिकारों से पीछे हट रही है। अब कह रही है कि अपनी बात विधानसभा में रखेंगे। सीएम ने कहा कि बीजेपी साथ चले या नहीं, सरकार अपने हक की लड़ाई लड़ेगी।
बीजेपी शुरू से राजनीति कर रही है
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने कहा इस बैठक का मकसद आरजीडी ग्रांट को बहाल करवाने के लिए सभी दलों के नेता पीएम से मिलने की बात कही जा रही थी ताकि आर्थिक संकट से बाहर निकला जा सके। लेकिन बीजेपी नेता बैठक छोड़ कर बाहर निकल गए।जोकि दुर्भाग्यपूर्ण है। बीजेपी इस मामले पर शुरू से राजनीति कर रही है। आज बैठक में भी भाजपा जनता के दवाब के चलते शामिल है।यदि बैठक में शामिल नही होते तो पूरे प्रदेश में ये संदेश जाता कि बीजेपी गंभीर नही है।भाजपा की मंशा पहले से साफ थी कि बैठक में जाना है लेकिन बैठक नही है। बीजेपी नेताओं को चाहिए था कि सीएम की बात सुनते लेकिन उन्होंने अपनी बात रखी और सीएम सरकार का पक्ष जाने बिना है बाहर निकल गए।जोकि दुर्भाग्यपूर्ण है।हिमाचल एक छोटा राज्य है और सभी दलों को हिमाचल के हितों को पहले रखना चाहिए ।
फाइनेंस सेक्रेटरी की प्रेजेंटेशन में कई तथ्य मिसलीडिंग
मीटिंग के बाद नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट पर फाइनेंस सेक्रेटरी की प्रेजेंटेशन में कई तथ्य मिसलीडिंग हैं। उन्होंने कहा कि सीएम ने पहले दिन से ही मिलकर काम करने का माहौल नहीं बनाया। प्रदेश सबका है, यह सभी हिमाचलवासियों का है।उन्होंने कहा कि 12वें, 13वें व 14वें वित्त आयोग ने ही रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट ग्रांट बंद करने के संकेत दे दिए थे। ऐसे में सरकार को अपने खर्चे नियंत्रित करने चाहिए थे और आय बढ़ानी चाहिए थी। जयराम ने कहा कि रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट केवल एक राज्य की नहीं, बल्कि 17 राज्यों की बंद हुई है। इसलिए हिमाचल से भेदभाव के आरोप गलत हैं।
RDG पर सर्वदलीय बैठक आधे में छोड़ बाहर आए बीजेपी विधायक… नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर बोले – सीएम सुक्खू ने पहले दिन से वातावरण रखा ही नहीं हम मिलकर बात करें@SukhuSukhvinder @Agnihotriinc @jairamthakurbjp @rajeevbindal @yadvindergoma04 @VikramadityaINC @virbhadrasingh pic.twitter.com/qqJJhfXeQe
— Himachal Abhi Abhi (@himachal_abhi) February 13, 2026
जनता को भ्रमित करना उचित नहीं
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल नेकहा कि राजस्व घाटा अनुदान बंद होना कोई अचानक लिया गया निर्णय नहीं है, बल्कि पूर्व वित्त आयोगों — 14वें और 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों में यह स्पष्ट रूप से उल्लेखित था कि यह अनुदान चरणबद्ध रूप से कम होगा और निर्धारित अवधि के बाद समाप्त होगा। ऐसे में इसे नई आपदा के रूप में प्रस्तुत कर जनता को भ्रमित करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जब यह तथ्य वर्षों से ज्ञात था, तो प्रदेश सरकार को समय रहते वैकल्पिक संसाधन सृजन, व्यय नियंत्रण और राजस्व वृद्धि की नीति पर काम करना चाहिए था।
संजू चौधरी
