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11 दिन में चौथी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, शिमला में पेट्रोल ₹102 के पार
Petrol-Diesel Price Hike: आम जनता को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है। देश में पिछले 11 दिनों के भीतर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में चौथी बार भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस ताजा वृद्धि में पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपए प्रति लीटर और डीजल के दाम में 2.71 रुपए प्रति लीटर तक का इजाफा किया गया है। इस बढ़ोतरी के बाद राजधानी शिमला सहित पूरे प्रदेश में ईंधन की कीमतें आसमान छूने लगी हैं।
शिमला सहित प्रमुख शहरों में आज के भाव
ताजा बढ़ोतरी के बाद शिमला में पेट्रोल की कीमत 102.52 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत 94.88 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गई है। 11 दिन के भीतर ईंधन की कीमतों में यह चौथी बढ़ोतरी है।
11 दिन पहले: ₹3.00 प्रति लीटर की एकमुश्त बढ़ोतरी
दूसरी बार: औसतन 90 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि
तीसरी बार: पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे महंगा
चौथी बार (आज): पेट्रोल में ₹2.61 और डीजल में ₹2.71 की भारी वृद्धि
कुल मिलाकर महज 11 दिनों में पेट्रोल की कीमतों में 7.38 रुपए प्रति लीटर का इजाफा हो चुका है।
सेब सीजन से पहले बागवानों पर वित्तीय बोझ
इस बढ़ोतरी का सबसे बड़ा और सीधा असर प्रदेश के आर्थिक रीढ़ माने जाने वाले सेब उद्योग पर पड़ने वाला है। अगले महीने से राज्य में सेब का सीजन शुरू होने जा रहा है। डीजल महंगा होने से सेब की ढुलाई (ट्रांसपोर्टेशन) काफी महंगी हो जाएगी। प्रदेश की सबसे बड़ी ट्रक यूनियन ने तो चार दिन पहले ही माल भाड़ा बढ़ा दिया है, जिससे बागवानों पर सीधा वित्तीय बोझ पड़ना तय है।
चौतरफा मंदी और महंगाई की आशंका-पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से केवल सफर ही नहीं, बल्कि आम जरूरत की हर चीज महंगी होने जा रही है
राशन और सब्जियां: मालभाड़ा बढ़ने के कारण दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल और राशन के दाम बढ़ेंगे।
घर बनाना हुआ महंगा: रेत, बजरी, सीमेंट और सरिया जैसी निर्माण सामग्री की ढुलाई महंगी होने से पहाड़ों पर आशियाना बनाना अब और खर्चीला हो जाएगा।
खेती की लागत में वृद्धि: ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने के लिए किसानों को अब डीजल पर ज्यादा खर्च करना होगा, जिससे आने वाले समय में अनाज की लागत भी बढ़ जाएगी।
बसों के किराए और ट्रक-टेंपो के भाड़े में बढ़ोतरी तय होने से साफ है कि आने वाले दिन आम जनता के लिए और भी भारी होने वाले हैं।
संजू चौधरी

