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Himachal में जिला परिषद-BDC चुनाव की मतगणना जारी, यहां देखें पल-पल का अपडेट
Zila Parishad-BDC Elections Counting : हिमाचल प्रदेश के 12 जिलों में 251 जिला परिषद और 1,769 पंचायत समिति (बीडीसी) सदस्यों के लिए हुए चुनाव की मतगणना जारी है। इन चुनावी नतीजों को कांग्रेस और बीजेपी के बीच 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। शुरुआती नतीजों ने यह साफ कर दिया है कि ‘गांव की सरकार’ पर काबिज होने के लिए राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है। भले ही ये चुनाव पार्टी चिह्न पर नहीं लड़े जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर यह मुकाबला सीधे तौर पर सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी दल बीजेपी के बीच का शक्ति परीक्षण बन गया है।कई वार्डों के नतीजे घोषित हो चुके हैं, जिनमें बीजेपी और कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों के साथ-साथ निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी शानदार जीत दर्ज की है। इन नतीजों को 2027 के विधानसभा चुनावों का ‘सेमीफाइनल’ माना जा रहा है।

मतगणना केंद्रों से आ रहे ताजा अपडेट्स के अनुसार विभिन्न जिलों में कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है:
हमीरपुर में बड़ी जीत: मोरसू सुल्तानी बीडीसी वार्ड से राजेश कुमार उर्फ मांगा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 1,312 मतों के भारी अंतर से हराया है। भोरंज के वार्ड-6 से वेद प्रकाश और सुजानपुर के वार्ड-3 से रीता देवी ने भी जीत दर्ज की है।
कांगड़ा में रीकाउंटिंग का रोमांच: लंबागांव ब्लॉक के बड़दाम वार्ड में मुकाबला इतना कड़ा था कि रीकाउंटिंग करवानी पड़ी। इसके बाद वीना देवी (1,096 वोट) को विजयी घोषित किया गया। रैत ब्लॉक से रेखा देवी विजेता रही हैं।
ऊना और सिरमौर में बीजेपी का प्रभाव: सिरमौर के वासनी वार्ड से ममता देवी, लाना भलटा से निशु बाला और नाहन के रामाधौन वार्ड से वीरेंद्र ठाकुर ने जीत हासिल कर भाजपा खेमे को मजबूत किया है। वहीं, ऊना में भी अरुण कुमार (नारी वार्ड) और सुशील कुमार (पनोह) जैसे भाजपा समर्थित प्रत्याशियों ने बाजी मारी है।
सोलन में मातृशक्ति का दबदबा: पट्टा की सौड़ी से हेमलता, सेवड़ा चंडी से गीता देवी और पारनू वार्ड से राधा ने चुनाव जीतकर अपना परचम लहराया है।
वीआईपी साख और 2027 की बिसात
इस बार के पंचायती राज चुनावों में कई बड़े राजनीतिक घरानों की साख दांव पर है। पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह, वरिष्ठ कांग्रेस नेता कौल सिंह, भाजपा नेता महेश्वर सिंह और पूर्व मंत्री सुखराम चौधरी सहित कई दिग्गज नेताओं के बेटे, बेटियां और करीबी रिश्तेदार चुनावी मैदान में अपना भाग्य आजमा रहे हैं।
बीजेपी ने जहां खुलकर अपने प्रत्याशियों को समर्थन देकर विधायकों को प्रचार में उतारा, वहीं कांग्रेस ने आधिकारिक घोषणा से बचते हुए रणनीतिक तौर पर अपने उम्मीदवारों को बैकडोर से समर्थन दिया।
अब शुरू होगी अध्यक्ष पद की ‘जोड़-तोड़‘
बीडीसी और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव परिणाम घोषित होते ही असली राजनीतिक खेल शुरू होगा। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद का चुनाव परोक्ष (Indirect) प्रणाली से होना है। बहुमत का आंकड़ा जुटाने के लिए अब दोनों प्रमुख दल रणनीति बनाने में जुट गए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कई वार्डों में जीतकर आए निर्दलीय प्रत्याशी अब सत्ता संतुलन में ‘किंगमेकर’ की भूमिका निभाएंगे।
पंकज शर्मा

