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हिमाचल के सरकारी स्कूलों में ‘अतिथि भोज’ की अनूठी पहल,विशेष अवसरों पर बच्चों को मिलेगा पौष्टिक भोजन
Atithi Bhoj in School: हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब जन्मदिन, शादी की सालगिरह, सेवानिवृत्ति या किसी भी अन्य खुशी के मौके को मनाने का अंदाज बदलने वाला है। स्कूल शिक्षा विभाग ने समाज को स्कूलों से जोड़ने के लिए एक बेहद प्रेरणादायक पहल शुरू की है। इसके तहत अब कोई भी इच्छुक व्यक्ति अपने जीवन के विशेष अवसरों पर स्कूल परिसर में बच्चों के लिए ‘अतिथि भोज’ का आयोजन कर सकता है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों को सामान्य मिड-डे मील के स्थान पर अधिक पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध कराना और समाज में सरकारी स्कूलों के प्रति सकारात्मकता बढ़ाना है।
सुरक्षा और अनुशासन से कोई समझौता नहीं
शिक्षा विभाग ने इस पहल को लेकर बेहद कड़े और स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। किसी भी परिस्थिति में बच्चों को भोजन के लिए स्कूल परिसर से बाहर नहीं ले जाया जाएगा। भोजन की व्यवस्था केवल स्कूल के भीतर ही होगी। यह आयोजन पूरी तरह से स्वैच्छिक होगा। स्कूल प्रबंधन इसके लिए किसी भी व्यक्ति से अतिरिक्त खर्च या आर्थिक सहयोग की मांग नहीं कर सकता। भोजन पूरी तरह से स्वच्छता और निर्धारित मानकों के अनुरूप ही तैयार और परोसा जाएगा ताकि बच्चों की सेहत और सुरक्षा सुनिश्चित रहे।
14 हजार में से 372 स्कूलों में शुरुआत, मिल रहा भारी समर्थन
प्रदेश के करीब 14,000 सरकारी स्कूलों में से 372 स्कूलों में अब तक अतिथि भोज का सफल आयोजन किया जा चुका है। बदलते समय के साथ यह पहल लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
बचत और सहयोग का दोहरा लाभ
अतिथि भोज वाले दिन स्कूलों में मिड-डे मील के लिए निर्धारित राशन और बजट की बचत हो रही है। इतना ही नहीं, कई अभिभावक और समाजसेवी भोजन के साथ-साथ बच्चों को कॉपियां, किताबें, पेंसिल, स्कूल बैग और अन्य शैक्षणिक सामग्री भी भेंट कर रहे हैं, जिससे जरूरतमंद विद्यार्थियों को बड़ा संबल मिल रहा है।
सहभागिता से पैदा होगी अपनेपन की भावना
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस पहल का असर केवल बच्चों को बेहतर पोषण देने तक सीमित नहीं है। स्थानीय लोगों की इस भागीदारी से समाज और स्कूलों के बीच आपसी संबंध मजबूत हो रहे हैं। इससे सरकारी स्कूलों के प्रति समाज का नजरिया बदल रहा है और बच्चों में भी एक सकारात्मक ऊर्जा, उत्साह तथा अपनेपन का वातावरण तैयार हो रहा है।
संजू चौधरी
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