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हारमनी ऑफ द पाइंस’ की महिला कॉन्स्टेबलों ने SP पर लगाए गंभीर आरोप, FIR दर्ज करने की मांग
Himachal Police: हिमाचल प्रदेश पुलिस में लगता है कुछ ठीक नहीं चल रहा है। एक के बाद एक प्रकरण को लेकर पुलिस चर्चा में है। इस बार ‘हारमनी ऑफ द पाइंस’ पुलिस बैंड की दो प्रसिद्ध सिंगर महिला कांस्टेबलों, दीपिका ठाकुर और कृतिका तंवर, ने एक SP स्तर के वरिष्ठ अधिकारी पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाते हुए शिमला के महिला पुलिस थाने में लिखित शिकायत दी है और मामला दर्ज (FIR) करने की मांग की है।
जासूसी का डर और मानसिक उत्पीड़न के आरोप
महिला पुलिसकर्मियों ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि विभाग के भीतर एक एसपी स्तर के अधिकारी द्वारा उन्हें लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। शिकायत में कार्यस्थल पर मानहानि, आपराधिक धमकी, आपराधिक षड्यंत्र और गरिमा को ठेस पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। शिकायत के अनुसार, बैंड के पूर्व प्रमुख और निलंबित सब-इंस्पेक्टर विजय कुमार के निलंबन के बाद से बैंड सदस्यों पर विजय से संपर्क न रखने का दबाव बनाया जा रहा था। महिला कर्मियों का आरोप है कि उन्हें यह कहकर डराया गया कि
उनके मोबाइल फोन की निगरानी की जा सकती है।उनकी लोकेशन ट्रैक की जा रही है।उनकी आपसी बातचीत सुनी जा सकती है।इन वजहों से उनके भीतर भय, तनाव और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है तथा उनकी निजता के अधिकार का भी हनन हो रहा है।
‘हुनरबाज़’ से लेकर गोवा फिल्म फेस्टिवल तक बढ़ाया मान
दोनों शिकायतकर्ता महिला कांस्टेबलों का कहना है कि उनका सेवा रिकॉर्ड हमेशा निष्कलंक रहा है। उन्होंने टीवी शो ‘हुनरबाज़-देश की शान’, गोवा अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव और राज्य के कई बड़े सांस्कृतिक मंचों पर हिमाचल पुलिस का नाम रोशन किया है। हाल ही में दोनों ने राज्य सरकार के नशा विरोधी जनजागरूकता अभियान में भी अपनी प्रस्तुति दी थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों महिला पुलिसकर्मियों ने अपनी शिकायत की प्रतियां राष्ट्रीय महिला आयोग और राज्य महिला आयोग को भी कार्रवाई हेतु भेजी हैं।
पूर्व प्रमुख विजय कुमार के सस्पेंशन से जुड़ा मामला
यह पूरा घटनाक्रम बैंड के पूर्व प्रमुख इंस्पेक्टर विजय कुमार के निलंबन के बाद से उपजे तनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। विजय कुमार पर सोशल मीडिया से हुई लगभग 6,000 रुपये की कमाई की जानकारी विभाग को न देने के आरोप में निलंबन की कार्रवाई की गई थी। वहीं विजय कुमार का पक्ष है कि यह राशि विभाग में जमा करवा दी गई थी और उन्होंने अपने सस्पेंशन के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।फिलहाल, महिला थाना शिमला में दी गई इस शिकायत पर पुलिस विभाग की ओर से नियमानुसार जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। वहीं दूसरी ओर, आरोपी पुलिस अधिकारी की तरफ से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
संजू चौधरी

