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सीएम सुक्खू ने नहीं दिया कैबिनेट विस्तार पर कोई प्रस्ताव, रजनी ने ब्लॉक और जिला अध्यक्षों की खींचतान पर दी नसीहत
Himachal Congress: हिमाचल प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में लगातार दो दिनों तक चली संगठनात्मक बैठकों के बाद प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने कैबिनेट विस्तार, पार्टी की अंदरूनी स्थिति और चुनाव आयोग को लेकर कई अहम बयान दिए हैं। उन्होंने जहां एक तरफ सरकार और संगठन के बीच तालमेल की बात कही, वहीं मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर और तीखे आरोप लगाए।
कैबिनेट विस्तार की अटकलों पर विराम
लंबे समय से हिमाचल प्रदेश में चल रही कैबिनेट विस्तार की अटकलों पर विराम लगाते हुए रजनी पाटिल ने स्पष्ट किया कि सीएम की ओर से अभी तक ऐसा कोई प्रस्ताव उन्हें नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि जब सीएम की तरफ से प्रस्ताव आएगा, तभी कैबिनेट का विस्तार किया जाएगा।
संगठन की खींचतान पर दी नसीहत
बैठक के दौरान सामने आई गुटबाजी पर पाटिल ने खुलकर बात की। उन्होंने माना कि करीब 90 फीसदी जिला अध्यक्षों ने शिकायत की है कि ब्लॉक अध्यक्ष उनकी बात नहीं सुनते। हालांकि, उन्होंने इसे सामान्य बताते हुए कहा कि परिवार की तरह संगठन में भी थोड़ी-बहुत खींचतान होती रहती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार और संगठन एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं, लेकिन साथ ही कड़ा संदेश दिया कि पार्टी में अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदेश में खाली पड़े पदों पर जल्द नियुक्तियां की जाएंगी।
2027 चुनावों की तैयारी और युवाओं के मुद्दे
पाटिल ने कहा कि कांग्रेस ने अभी से 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियां शुरू कर दी हैं और इसके लिए जिला स्तर पर गतिविधियों को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने पेपर लीक मामले को एक बड़ा मुद्दा करार देते हुए दावा किया कि इसके कारण 70 से 80 युवाओं ने आत्महत्या की है। पार्टी इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी। साथ ही, उन्होंने राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की तर्ज पर हिमाचल में भी युवाओं से जुड़ा कार्यक्रम आयोजित करने की इच्छा जताई।
चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप और प्रदर्शन का ऐलान
रजनी पाटिल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें ‘देश का गद्दार’ करार दिया और कहा कि उन्हें जेल में डाला जाना चाहिए। उन्होंने ईवीएम पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग को ‘चोर आयोग’ की संज्ञा दी और कहा कि भविष्य में कांग्रेस ईवीएम से चुनाव न कराने की मांग करेगी। पाटिल ने दावा किया कि हरियाणा चुनाव में 13 करोड़ वोट काटे गए, जबकि महाराष्ट्र में पूरी की पूरी एनसीपी पार्टी ही चुरा ली गई। उन्होंने चुनाव आयोग और भाजपा पर मिलीभगत का आरोप लगाया। ईवीएम और ‘वोट चोरी’ के इन आरोपों के खिलाफ कांग्रेस ने सोमवार को हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
संजू चौधरी
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