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तीन दिन हड़ताल पर रहेंगे बैंक कर्मी: प्रभावित हो सकती हैं सेवाएं, 5-डे वर्किंग और PLI वापस लेने की मांग
Bank Employees Strike: देश के बैंकिंग ग्राहकों के लिए सितंबर का आखिरी हफ्ता परेशानी भरा हो सकता है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बैनर तले बैंक अधिकारी और कर्मचारी 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे हैं। इस तीन दिवसीय हड़ताल के कारण देशभर में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कामकाज और डिजिटल सेवाएं प्रभावित होने की संभावना है।
इन मुख्य मांगों को लेकर बुलाई गई है हड़ताल
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस हिमाचल प्रदेश के संयोजक नरिंदर शर्मा के अनुसार, बैंक यूनियनें लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रही हैं, लेकिन सरकार और प्रबंधन की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
प्रमुख मांगों में शामिल हैं
5-डे वर्किंग व्यवस्था: बैंक यूनियनें हर शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश के साथ पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग कर रही हैं। यूनियनों ने इसके एवज में प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त कार्य करने का प्रस्ताव भी रखा है।
PLI योजना की वापसी: वित्तीय सेवा विभाग (DFS) द्वारा एकतरफा लागू की गई परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना को तुरंत वापस लेने की मांग की गई है।
ट्रांसफर पॉलिसी में सुधार: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की मौजूदा स्थानांतरण नीति पर सवाल उठाते हुए यूनियनों ने कहा कि अधिकारियों को हर 3, 5, 7 और 9 साल में हजारों किलोमीटर दूर भेज दिया जाता है, जिससे उनके पारिवारिक जीवन पर बुरा असर पड़ता है।
समझौते के ढाई साल बाद भी वादे अधूरे
नरिंदर शर्मा ने बताया कि सरकार और बैंक यूनियनों के बीच हुए समझौते को ढाई साल से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन तय प्रतिबद्धताओं पर अब तक पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई है। यूनियनों का कहना है कि बार-बार ध्यान दिलाने के बाद भी जब समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तब मजबूरी में औद्योगिक कार्रवाई (हड़ताल) का रास्ता चुनना पड़ा।
अक्टूबर में अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
बैंक यूनियनों ने स्पष्ट किया है कि यदि केंद्र सरकार 28 सितंबर से पहले सार्थक बातचीत के लिए आगे आती है, तो हड़ताल को टाला जा सकता है। लेकिन अगर तीन दिवसीय हड़ताल के बाद भी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो अक्टूबर महीने में देशभर के बैंक संगठन अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का कड़ा फैसला ले सकते हैं।
UFBU ने बयान जारी कर कहा है कि हड़ताल का उद्देश्य आम जनता या ग्राहकों को असुविधा पहुंचाना नहीं है, क्योंकि बैंक कर्मी निर्बाध बैंकिंग सेवाओं के महत्व को अच्छी तरह समझते हैं। फोरम ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकार से तत्काल वार्ता शुरू करने और आम जनता से इस हड़ताल के दौरान सहयोग की अपील की है।
संजू चौधरी
