- Advertisement

“हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड राजनीति से ऊपर, Nadda हिमाचल का नाम कर रहे हैं बदनाम”
Dr. Rajesh Sharma : NEET परीक्षा पेपर लीक मामले और दोबारा परीक्षा कराने की मांग को लेकर देश भर में जारी बवाल के बीच कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने केंद्रीय मंत्री व हिमाचल से ताल्लुक रखने वाले जेपी नड्डा पर तीखे राजनीतिक हमले बोले हैं।मीडिया से बातचीत के दौरान नड्डा ने हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड का संदर्भ देते हुए पेपर लीक की बात कही थी उसी परिपेक्ष्य में आज स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ राजेश शर्मा ने नड्डा के बयान पर आपत्ति जताते हुए उसे हिमाचल शिक्षा बोर्ड की छवि खराब करने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा किहिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड एक स्वायत्त और प्रतिष्ठित संस्था है, जिसे राजनीतिक बयानबाजी से ऊपर रखा जाना चाहिए।नड्डा ने बोर्ड के संबंध में गलत तथ्य प्रस्तुत कर प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया है।
कांग्रेस ने हमेशा शिक्षा को राजनीति से दूर रखा
इतिहास का हवाला देते हुए डॉ राजेश ने कहा जेपी. नड्डा के पिता स्वर्गीय एनएल नड्डा वर्ष 1992 से 1995 तक हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष रहे।वर्ष 1993 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बावजूद उन्हें पद से नहीं हटाया गया। कांग्रेस ने हमेशा शिक्षा को राजनीति से दूर रखा और उनके उत्कृष्ट कार्यों का सम्मान किया।डॉ राजेश ने कहा कि नड्डा उनके बड़े भाई के समान पर पर वे हिमाचल का नाम बदनाम कर रहे हैं और शिक्षा बोर्ड के बारे में भ्रतियां फैला रहे हैं। डॉ राजेश ने नड्डा तो याद दिलाया कि हिमाचल में बीजेपी के कार्यकाल में पेपर लीक हुए थे जबकि कांग्रेस ने सत्ता में आने बाद पेपर लीक और भ्रष्टाचार के मामलों के कारण 21 फरवरी 2023 को हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग (HPSSC) हमीरपुर को भंग किया और राज्य चयन आयोग का गठन किया।
छात्रों पर लाठीचार्ज और नेताओं से दुर्व्यवहार निंदनीय
डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि पेपर लीक की घटना से देश भर के लाखों परीक्षार्थियों, उनके अभिभावकों और आम जनता में भारी रोष है। उन्होंने आरोप लगाया छात्रों के भविष्य की लड़ाई लड़ रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष के साथ केंद्र सरकार का रवैया बेहद अलोकतांत्रिक रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया और उन्हें सड़कों पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया।
राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य प्रमुख विपक्षी नेताओं के साथ इस मुद्दे पर कथित रूप से दुर्व्यवहार किया गया, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। क्या युवाओं और छात्रों के सत्य के लिए आवाज उठाना अपराध है? डॉ. राजेश शर्मा ने कहा राहुल गांधी हमेशा सत्य और लोकतांत्रिक मूल्यों के पक्ष में खड़े रहे हैं और आगे भी छात्रों तथा युवाओं के हितों के लिए पुरजोर आवाज उठाते रहेंगे।
रविंद्र चौधरी

