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त्योहारों से पहले महंगाई का झटका: सरसों तेल, चीनी और आटा महंगा; डिपुओं में माश दाल के भी बढ़े दाम
Himachal News: त्योहारी सीजन के दस्तक देते ही राजधानी शिमला के बाजारों में खाद्य वस्तुओं की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है। सरसों तेल, चीनी, आटा, हल्दी और सूखे मेवों के दाम बढ़ने से आम लोगों की रसोई का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। वहीं, राहत की उम्मीद जगाने वाले सरकारी राशन डिपुओं में भी माश दाल की कीमतें बढ़ा दी गई हैं, जिससे उपभोक्ताओं की जेब पर दोहरा बोझ पड़ रहा है।
खुले बाजार में तेजी: सरसों तेल 220 रुपये के पारशिमला के थोक और खुदरा बाजार में जरूरी सामानों के दामों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।
सरसों का तेल: थोक बाजार में सरसों तेल के दामों में 10 से 12 रुपये प्रति किलो का उछाल आया है। पी मार्क सरसों तेल का थोक भाव 198 रुपये से बढ़कर 210 रुपये प्रति किलो हो गया है। इसके चलते खुदरा बाजार में सरसों तेल अब 220 रुपये प्रति किलो से अधिक कीमत पर बिक रहा है। हालांकि, रिफाइंड तेल के दाम फिलहाल स्थिर बने हुए हैं।
चीनी: चीनी का थोक भाव 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है, जिसके कारण खुदरा बाजार में चीनी 72 से 75 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है।
आटा: 50 किलो की पैकिंग वाले आटे के थोक भाव में 50 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। फिलहाल करीब 40 रुपये प्रति किलो बिक रहा आटा आने वाले दिनों में 2 से 3 रुपये प्रति किलो और महंगा हो सकता है।
हल्दी व बादाम गिरी: हल्दी के थोक भाव में 20 रुपये प्रति किलो तक की तेजी आई है। कारोबारियों का कहना है कि नई सप्लाई आने पर इसके दाम और बढ़ सकते हैं। उधर, बादाम गिरी का थोक भाव 1,000 रुपये से बढ़कर 1,200 रुपये प्रति किलो हो गया है।खुदरा बाजार में बादाम गिरी अब 1,300 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है।
देसी घी: बाजार में देसी घी की सप्लाई कम है, हालांकि फिलहाल इसके दाम पुराने स्तर पर ही बने हुए हैं।
सरकारी राशन डिपुओं में माश दाल महंगी
एक तरफ जहाँ खुले बाजार में खाद्य वस्तुएं महंगी हो रही हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकारी राशन डिपुओं में माश दाल की दरों में बढ़ोतरी कर दी गई है। एपीएल परिवारों को अब 97 रुपये प्रति किलो,बीपीएल परिवारों के लिए दाल का भाव92 रुपये प्रति किलो हो गया है। वहीं, एपीएल टैक्स श्रेणी के परिवारों को अब इसके लिए 118 रुपये प्रति किलो चुकाने होंगे। डिपुओं में माश दाल की आपूर्ति शुरू होने से लोगों को बाजार के मुकाबले राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन नई दरों ने उपभोक्ताओं को मायूस किया है। त्योहारों के इस माहौल में सरसों तेल, चीनी, आटा, मसाले और दालों की बढ़ती कीमतों ने शिमला के आम परिवारों का घरेलू बजट बिगाड़ कर रख दिया है। कारोबारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में माल की नई सप्लाई आने के बाद ही बाजार में कीमतों की असली स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
संजू चौधरी
