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ऐपल डिवाइसेस पर गूगल की जगह ले सकता है DuckDuckGo, जानें वजह
नई दिल्ली। सर्च इंजन गूगल और ऐपल के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा (Competition) छिड़ने वाली है। ऐपल अपनी सभी डिवाइसेस से सर्च इंजन गूगल (Google Search Engine) की छुट्टी करने वाला है। इसका मतलब यह हुआ कि आपको ऐपल पर गूगल का सर्च इंजन ढूंढे नहीं मिलेगा। गूगल की जगह DuckduckGo ले सकता है। अभी तक ऐपल सफारी ब्राउजर में डिफॉल्ट (Default) तौर पर गूगल का इस्तेमाल होता था, जिसे लेकर काफी विवाद हुआ, इसके बाद Safari ब्राउजर में DuckDuckGo का इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐपल और DuckDuckGo के बीच बातचीत चल रही है। साथ ही माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) और ऐपल के बीच भी बातचीत चल रही है।
इसलिए लाया जा रहा है DuckDuckGo?
इससे पहले, गूगल पर गलत तरीके से सर्च मार्केट में टॉप बने रहने के आरोप लगे। इसे लेकर माइक्रोसॉफ्ट समेत कुछ कंपनियों ने कोर्ट का रुख किया। यूएस डिपॉर्टमेंट ऑफ जस्टिस (US Department Of Justics) ने गूगल से पूछा कि वो कैसे 90 फीसद सर्च मार्केट पर कब्जा रखती है। इसके लिए गूगल ने ऐप्पल जैसे स्मार्टफोन कंपनियों के साथ डिफॉल्ट सर्च के तौर पर गूगल के इस्तेमाल को लेकर करार किया है, जिसके लिए गूगल की तरफ से ऐपल को गलत तरीके से सालाना 10 बिलियन डॉलर का भुगतान किया गया। इन आरोपों के बीच ऐपल ने गूगल की छुट्टी करने का निर्णय लिया।
क्या है DuckDuckGo?
DuckDuckGo एक सर्च इंजन प्लेटफॉर्म है, जिसे साल 2008 में गेब्रियल वेनबर्ग ने बनाया है। DuckDuckGo सर्च इंजन को अपनी प्राइवेसी (Privacy) के लिए जाना जाता है। इस पर यूजर्स को सिक्योर नेटवर्क मिलता है। यह अमेरिका में दूसरा सबसे पॉपुलर सर्च इंजन प्लेटफॉर्म है। साल 2022 की पहली तिमाही तक इसके यूजर्स की संख्या 8 बिलियन थी। इसका वर्ल्ड वाइड मार्केट शेयर 0.68 फीसद है, जबकि यूएस में DuckDuckGo का मार्केट शेयर 2.51 फीसद है। गूगल के मुकाबले DuckDuckGo पर विज्ञापन चार्ज 10 गुना सस्ता है।
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