Covid-19 Update

3,12, 233
मामले (हिमाचल)
3, 07, 924
मरीज ठीक हुए
4189
मौत
44,600,711
मामले (भारत)
624,275,834
मामले (दुनिया)

मानसून सत्र: शिमला में बढ़ते दवाब को कम करे सरकार, CM बोले- गंभीर है मुद्दा

अर्की के विधायक संजय अवस्थी ने कार्यालयों को शिफ्ट करने की उठाई मांग

मानसून सत्र: शिमला में बढ़ते दवाब को कम करे सरकार, CM बोले- गंभीर है मुद्दा

- Advertisement -

शिमला। हिमाचल विधानसभा (Himachal Vidhan Sabha) के मानसून सत्र में आज शिमला (Shimla) में लगातार बढ़ रहे दवाब का मामला उठा। शुक्रवार को मानसून सत्र में प्रश्न काल में अर्की के विधायक संजय अवस्थी (MLA Arki Sanjay Awasthi) ने शिमला के कुछ कार्यालयों को नजदीकी विधानसभा क्षेत्रों में शिफ्ट करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि शिमला में भीड़ बढ़ती जा रही है। उन्होंने भीड़ को कम करने लिए सरकार से कुछ कार्यालयों को अर्की शिफ्ट करने की मांग रखी। जिसका जवाब देते हुए सीएम जयराम ठाकुर (CM Jai Ram Thakur) ने कहा कि यह एक गंभीर मुद्दा है। उन्होंने कहा कि शिमला शहर से कुछ कार्यालयों को शिफ्ट करना अनिवार्य है। आने वाले समय में सरकार इस पर निर्णय लेगी। संजय अवस्थी ने कहा कि शिमला एक पर्यटन स्थल है और यहां काफी तादात में पर्यटक (Tourist) आए हैं और प्रदेश भर से लोग भी पहुंचते हैं। जिससे यहां घंटों जाम भी लगता है। कार्यालयों के शिफ्ट करने से यह दवाब कम होगा।

यह भी पढ़ें:मानसून सत्र: गाड़ियों की सूचना ना मिलने पर हुई तकरार, स्पीकर से जताई नाराजगी

विभाग पुल तोड़ने का दो दिन में करेगा टेंडर

वहीं सदन में सुंदरनगर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत ध्वाल को खुराहल क्षेत्र से जोड़ने वाले वन विभाग के पुराने पुल को तोड़ने के लिए दो दिन के भीतर टेंडर किया जाएगा। यह जानकारी वन मंत्री राकेश पठानिया (Rakesh Pathania) ने राकेश जम्वाल की ओर से लाए गए ध्यान आकर्षण प्रस्ताव के जवाब में दी। वन मंत्री ने कहा कि पुलों को नकारा एवं असुरक्षित घोषित करने के लिए हिमाचल सरकार सक्षम प्राधिकारी है। यह मामला प्रधान मुख्य अरण्यपाल की ओर से प्रधान सचिव को भेजा गया। वित्त विभाग की मंजूरी ली गई है। पुल को तोड़ने की आगामी कार्रवाई वन मंडल अधिकारी सुकेत की ओर से की जा रही है।

बादल फटने से सलूणी में करोड़ों का नुकसान

वहीं चंबा जिला में बादल फटने (Cloudburst in Chamba) से हुए जानमाल के नुकसान का मुद्दा भी शुक्रवार को सदन में उठाया गया। विधायक आशा कुमारी की ओर से लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर राजस्व मंत्री महेंद्र सिंह ने सदन में बताया कि इस हादसे में 36 सड़कें टूटी हैं। जबकि कई ट्रांसफार्मर और पेयजल स्कीमें भी प्रभावित हुई हैं। इन्हें बहाल करने के लिए दिन-रात काम किया जाएगा। लोगों को भवन निर्माण के लिए टीडी लकड़ी उपलब्ध कराई जाएगी। बादल फटने से भूमि कटाव हुआ है। दीवारें और डंगे लगाने के लिए मनरेगा में स्पेशल शेल्फ डाली जाएगी। वहीं इस पूरे घटनाक्रम में एक युवक की मौत हुई है। मृतक के परिवार को 25,000 रुपये राहत दी गई है। क्षतिग्रस्त हुए मकान मालिकों को 10ए000 रुपये प्रति मकान राशि दी गई है। आंशिक रूप से 20 क्षतिग्रस्त मकान मालिकों को 97 हजार की राशि उपलब्ध कराई गई है।

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group

 

 

 

 

 

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App


विशेष \ लाइफ मंत्रा


Himachal Abhi Abhi E-Paper



सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है