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सावधान ! Immune System को मजबूत करने वाला काढ़ा ही कहीं आपको ना कर दे बीमार
इन दिनों हर कोई कोरोना से बचाव के लिए कुछ ना कुछ उपाय कर रहा है। भारत में तो घरेलू नुस्खों (Home remedies) की भरमार है। ऐसे में कोरोना से बचने के लिए लोग अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में लगे हैं। इसके लिए लोग अश्वगंधा, काली मिर्च, तुलसी, लौंग, लहसुन, हींग जैसे मसालों से बना काढ़ा पी रहे हैं। काढ़े में डाली गई चीजें तो सही हैं लेकिन लोगों को इनका सही अनुपात पता नहीं है, इसलिए इम्यूनिटी बढ़ाने वाली ऐसी औषधी और मसाले जरूरत से ज्यादा और गलत अनुपात में सेवन करने से सेहत को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
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विशेषज्ञों का मानना है कि दालचीनी, गिलोय, काली मिर्च जैसी चीजों का ओवरडोज अल्सर, पेट दर्द या सीने में जलन का कारण बन रहा है। ये लीवर (Liver) को भी नुकसान पहुंचाता है। लिहाजा, काढ़ा बनाने से पहले दादी-नानी की सलाह लेना या विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। नोएडा के निजी कंपनी में काम करने वाले मनीष मिश्रा कोरोना के डर से दिन में तीन बार अदरक, काली मिर्च, दालचीनी का काढ़ा पीने लगे। सुबह नींबू-शहद का पानी भी रहे थे। उन्हें एसिडिटी (Acidity) और गले में जलन होने लगी। डॉक्टर ने फूड हिस्ट्री पूछी तो पता चला कि बेहिसाब मसालों के कारण ऐसा हुआ है।

काढ़ा बनाने की सही मात्रा जानना जरूरी
डॉक्टर (Doctor) ने उन्हें काढ़ा बनाने की सही मात्रा समझाई और सिर्फ एक बार पीने की सलाह दी। डॉक्टर के अनुसार मसाले, जड़ी-बूटी की ज्यादा खुराक नुकसानदायक है। ये कई बीमारी का कारण भी बन सकती हैं। काढ़े में डलने वाले मसाले साफ और सूखे हों। उनमें नमी या फफूंद ना हो। फंगस लगी जड़ी-बूटी से डायरिया या पेट की प्रॉब्लम हो सकती है। इम्यूनिटी बढ़ाने और बीपी कंट्रोल में रखने के लिए दालचीनी, गिलोय को कारगर माना जाता है लेकिन इसे भी ज्यादा मात्रा लेने से चक्कर, बेहोशी, कमजोरी जैसे समस्या हो सकती है। हल्दी, अदरक, काली मिर्च जैसे मसाले बहुत गर्म होते हैं। इनसे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है लेकिन ओवरडोज से बीमारियों का खतरा भी होता है। लोगों ने आयुर्वेदिक दवाओं का सेवन भी बढ़ा दिया है। इन दवाओं की सही खुराक और कंपोनेंट पता होना भी जरूरी है। गलत दवा और ज्यादा खुराक लेने से कई साइड इफेक्ट होने का खतरा होता है। इसलिए ऐसा ना हो कोरोना से बचने के चक्कर में आप कोई और बीमारी की चपेट में आ जाएं।

