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कबाड़ की कुर्सी से लखपति बन गई यह महिला, कैसे… जानें यहां

ब्रिटेन की एक महिला ने 20वीं शताब्दी के आर्ट स्कूल की कुर्सी की नीलाम

कबाड़ की कुर्सी से लखपति बन गई यह महिला, कैसे… जानें यहां

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ऊपर वाला जब भी देता है छबर फाड़ कर देता है। ऐसे कई किस्से देखने और सुनने को मिल जाते हैं। ऐसा ही एक वाक्या ब्रिटेन (British) में सामने आया है। जहां एक महिला ने कबाड़ की दुकान से करीब 500 रुपए में एक लकड़ी की कुर्सी खरीदी थी। जब इस महिला ने इस कुर्सी (Chair) को नीलामी में रखा तो महिला को उसके करीब 16 लाख रुपए से ज्यादा मिल गए। चीजों की कीमत निर्धारित करने वाले शख्स ने महिला को बताया था कि कुर्सी ऑस्ट्रिया (Austria) के 20वीं शताब्दी के आर्ट स्कूल की है, जिसे ऑस्ट्रियाई पेंटर कोलोमन मोजर ने 1902 में डिजाइन किया था।

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अवंत गार्डे आर्ट स्कूल में तैयार गई थी कुर्सी

पुरानी चीजों के एक्सपर्ट ने बताया कि कुर्सी 20वीं शताब्दी की शुरुआत में ऑस्ट्रिया के विएना में अवंत गार्डे आर्ट स्कूल में तैयार की गई थी। इसे डिजाइन करने वाले कोलोमन मोजर, विएना सेकेशन आंदोलन के एक आर्टिस्ट (Artist) थे, जिन्होंने पारंपरिक कलात्मक शैलियों को खारिज कर दिया था।

एक ऑस्ट्रियाई डीलर ने खरीदा

मिरर (Miror) की रिपोर्ट के अनुसार लकड़ी की इस ऐतिहासिक कुर्सी को एक ऑस्ट्रियाई डीलर ने फोन पर 16.4 लाख रुपए में खरीदा। जॉन ब्लैक स्वॉर्डर्स विशेषज्ञ (John Black Swords Specialist) हैं। उन्होंने कहा कि हम कुर्सी के सेल प्राइस के काफी खुश हैं। इसके साथ ही इस बात से भी प्रसन्न है कि यह वापस ऑस्ट्रिया जा रही है। बता देंए इस कुर्सी को बेचने के लिए स्टैनस्टेड माउंट फिटचेट के स्वॉर्डर्स ऑक्शनर्स (Swords Auctions) में पेश किया गया था।

18वीं शताब्दी की है कुर्सी

इस चेयर को डिजाइन (Design) करने वाले कोलोमन मोजर विएना स्कूल ऑफ एप्लाइड आर्ट्स के एक शिक्षक थे। यह कुर्सी 18 वीं शताब्दी की पारंपरिक लेडर बैक चेयर (कुर्सी) का मॉर्डन अवतार है। कुर्सी दिखने में बेहद आम है। हालांकि, इसकी बैक आम कुर्सियों के मुकाबले लंबी है। इसके साथ ही प्लास्टिक की जगह इसे लकड़ी और जूट के बाध से आरामदायक बनाया गया है।

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