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हिमाचल में जल्द लगे चुनाव आचार संहिता, सरकार की फिजूलखर्ची का मामला भी उठा
शिमला। हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) विधानसभा चुनाव से पहले तीन दिवसीय दौरे पर पहुंची केंद्रीय चुनाव आयोग (Central Election Commission) की टीम ने आज शिमला (Shimla) में सभी पार्टियों के प्रतिनिधियों से बैठक की। इसमें राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग की टीम को अपने-अपने सुझाव दिए। राजनीतिक दलों ने हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थिति को मद्देनजर रखते हुए शीघ्र और पारदर्शिता के साथ चुनाव करवाने का आग्रह किया। सीपीआईएम ने गुजरात और हिमाचल के एक साथ चुनाव करवाने की मांग की। केंद्रीय चुनाव आयोग की टीम के साथ बैठक के बाद कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया से विधायक राकेश सिंघा (Rakesh Singha) ने कहा कि आयोग की टीम के साथ बैठक में सकारात्मक चर्चा हुई है। पार्टी की ओर से हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थिति (Geographical Location) को ध्यान में रखते हुए चुनाव (Election) करवाने का आग्रह किया गया है। इस बार प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी समय से पहले शुरू हो गई है, ऐसे में सभी को मतदान के लिए एक समान मौका मिले इसके लिए चुनाव को 20 नवंबर के आसपास समय पर कराया जाना चाहिए।
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वहीं कांग्रेस लीगल सेल के सदस्य सुशांत कपरेट ने कहा कि आयोग की टीम से चुनाव समय पर कराने के साथ जल्द से जल्द चुनाव आचार संहिता लगाने का आग्रह किया गया है। चुनाव आयोग के सामने बीजेपी सरकार की ओर से की जा रही फिजूलखर्ची का मामला भी उठाया गया है। साथ ही कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश में पोलिंग बूथ की संख्या बढ़ाने का भी आग्रह किया हैए ताकि अधिक से अधिक मतदान सुनिश्चित किया जा सके।साथ ही तीन साल से अधिक समय से एक ही स्थान पर डटे प्रशासनिक अधिकारियों का भी तबादला किया जाए। सुशांत कपरेट (Sushant Cuprate) सदस्य लीगल सेल कांग्रेस केंद्रीय चुनाव आयोग की टीम 24 सितंबर तक हिमाचल प्रदेश के दौरे पर हैं। राजनीतिक दलों के साथ बैठक के बाद चुनाव आयोग मुख्य सचिव डीजीपी, डीसी, एसपी पुलिस नोडल अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं।
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