हिमाचल प्रदेश चुनाव परिणाम 2017

BJP

44

INC

21

अन्य

3

हिमाचल प्रदेश चुनाव परिणाम 2022 लाइव

3,12, 506
मामले (हिमाचल)
3, 08, 258
मरीज ठीक हुए
4190
मौत
44, 664, 810
मामले (भारत)
639,534,084
मामले (दुनिया)

हिमाचल हाईकोर्ट: पुलिस के पास दर्ज बयान आपराधिक मामले के लिए ठोस सबूत नहीं

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अनुशासनात्मक कार्रवाई के मामले में दी महत्वपूर्ण व्यवस्था

हिमाचल हाईकोर्ट: पुलिस के पास दर्ज बयान आपराधिक मामले के लिए ठोस सबूत नहीं

- Advertisement -

शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट (Himachal High Court) ने अनुशासनात्मक कार्रवाई के मामले में महत्वपूर्ण व्यवस्था दी है। न्यायाधीश सत्येन वैद्य ने कहा कि पुलिस के पास दर्ज किया गया बयान (Statement Recorded with Police) आपराधिक मामले (Criminal Cases) के निपटारे के लिए कोई ठोस सबूत नहीं है। अदालत ने याचिकाकर्ता पर लगाए कदाचार के आरोपों को रद्द करते हुए उसकी सजा को निरस्त कर दिया। न्यायाधीश वैद्य ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 161 के तहत दर्ज किए गए बयान को सही नहीं बताया जा सकता अगर अदालत के समक्ष पुलिस के मुताबिक गलत बयान दिया गया हो। इसे तय करने का अधिकार सिर्फ अदालत (Court) के पास है कि साक्षी ने सही बयान दिया है या नहीं।

यह भी पढ़ें:हिमाचल हाईकोर्ट: गिरी नदी पर बांध बनाने के लिए कारगर कदम उठाए प्रदेश सरकार

मामले के अनुसार याचिकाकर्ता वर्ष 1999 में हेड कांस्टेबल के पद पर किन्नौर जिला में तैनात था। भावानगर पुलिस थाने के अंतर्गत दंगा- फसाद के मामले में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उसमें पुलिस ने याचिकाकर्ता को भी साक्षी बनाया था। याचिकाकर्ता ने जांच अधिकारी के समक्ष दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 161 के तहत बयान दिया कि वह इस घटना का चश्मदीद गवाह है। याचिकाकर्ता के बयान के आधार पर आरोपियों के खिलाफ अभियोग चलाया गया। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने अदालत के समक्ष बयान दिया कि उसके सामने इस तरह की कोई घटना नहीं हुई। पुलिस के अनुसार अदालत में झूठा बयान दिए जाने पर विभाग ने उसे चार्जशीट कर दिया। याचिकाकर्ता के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई गई। अनुशासनात्मक प्राधिकरण ने याचिकाकर्ता की पांच वर्ष की अनुमोदित सेवा को जब्त करने की सजा सुनाई थी। इस निर्णय को याचिकाकर्ता ने हाईाकोर्ट के समक्ष चुनौती दी। अदालत ने मामले से जुड़े रिकॉर्ड का अवलोकन के बाद यह निर्णय सुनाया।

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App


विशेष \ लाइफ मंत्रा


Himachal Abhi Abhi E-Paper



सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है