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RSS का मेंबर होने के नाते तबादला करना समानता के हक का उल्लंघन: हाईकोर्ट
विधि संवाददाता/शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट (Himachal High Court) ने शुक्रवार को साफ कर दिया कि किसी कर्मचारी का सिर्फ इसलिए तबादला (Transfer) कर देना, क्योंकि वह RSS का मेंबर है, समानता के अधिकार का उल्लंघन है। इस मामले में हाईकोर्ट ने सुरेश कुमार जसवाल के ट्रांसफर पर रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव और न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने मामले की प्रारंभिक सुनवाई (Initial Hearing) के दौरान पाया कि प्रार्थी सुरेश कुमार जसवाल का तबादला केवल इसलिए किया गया कि वह RSS का सदस्य है। कोर्ट ने इसे प्रथम दृष्टया मनमाना, गैरकानूनी और संविधान द्वारा दिए गए समानता के अधिकार का उल्लंघन बताया।
यह है मामला
मामले के अनुसार एचपी स्टेट को ऑपरेटिव बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर ने बैंक के बिलासपुर (Bilaspur) जिला कार्यालय में तैनात सीनियर मैनेजर सुरेश कुमार जसवाल का तबादला कर दिया था। जसवाल ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
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सिंगल बेंच ने याचिका खारिज कर दी थी
हाईकोर्ट की एकल पीठ (Single Bench) ने प्रार्थी की याचिका को गुणवता के आधार पर खारिज कर दिया था। एकल पीठ का यह भी कहना था कि प्रार्थी का तबादला आदेश बैंक के सेवा नियमों (Service Rules) के तहत जारी किए गए हैं और बैंक के सेवा नियमों को कोई कानूनी बल प्राप्त नहीं है। एकल पीठ का कहना था कि मैनेजिंग डायरेक्टर एचपी स्टेट को ऑपरेटिव अधिनियम अथवा इसके तहत बनाए नियमों का उल्लंघन नहीं किया है, इसलिए याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। जसवाल ने इसे चुनौती दी थी। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने प्रथम दृष्टया बैंक को संविधान के तहत राज्य की परिभाषा में पाते हुए याचिका को सुनवाई योग्य पाया और प्रार्थी के तबादला आदेशों पर रोक लगा दी।
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