-
Advertisement
हिमाचल पंचायत चुनाव: हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची सुक्खू सरकार
Himachal Panchayat Elections: हिमाचल में पंचायत और नगर निकाय चुनावों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। प्रदेश हाईकोर्ट के 30 अप्रैल 2026 से पहले चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराने के आदेश के खिलाफ सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन दायर की है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने आज सुनवाई हुई और इस दौरान कुछ तकनीकी आपत्तियां दर्ज की हैं, जिन्हें दूर करने के बाद ही मामले पर विस्तृत सुनवाई हो सकेगी। कोर्ट में यह याचिका प्रिंसिपल सेक्रेटरी अर्बन डवलपमेंट, सेक्रेटरी पंचायतीराज और मुख्य सचिव की ओर से दायर की गई, जबकि हाईकोर्ट में पीआईएल डालने वाले याचिकाकर्ता दिक्कन कुमार ठाकुर, हेपी ठाकुर, स्टेट इलेक्शन कमीशन और जिलों के डीसी को प्रतिवादी बनाया गया है। बताया जा रहा है कि कानूनी सलाह लेने के बाद प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट गई है। ऐसे में पंचायत और नगर निकाय चुनाव का मामला लटक सकता है। बीजेपी विधायक सुधीर शर्मा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि सुप्रीम कोर्ट में हिमाचल प्रदेश पंचायती राज चुनावों पर रोक लगाने के लिए दायर एसएलपी को अगर देखें तो यह ‘सरकार बनाम सरकार’ लग रहा है याचीकर्ता और रिसपोंडेंट्स की सूची को देखते ऐसा लगता है। चोरे दा गवाह मोर।

हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान 28 फरवरी तक हर हाल में पंचायत और निकाय चुनाव के लिए आरक्षण रोस्टर लगाने तथा 30 अप्रैल से पहले चुनाव कराने के आदेश दिए थे, जबकि राज्य सरकार डिजास्टर का हवाला देते हुए चुनाव कराने को तैयार नहीं थी।आदेश आने के बाद सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हाईकोर्ट के ऑर्डर को भी ऑर्बिट्रेरी भी कहा था। जाहिर है प्रदेश में कुल 3577 पंचायतों और 73 नगर निकायों में चुनाव होने हैं। पंचायतों का कार्यकाल 31 जनवरी 2026 और 47 नगर निकायों का 18 जनवरी 2026 को समाप्त हो चुका है। इनमें सरकार ने एडमिनिस्ट्रेटर तैनात कर दिए हैं।
संजू चौधरी
