-
Advertisement
OPS और स्मार्ट मीटर को लेकर बिजली बोर्ड कर्मचारियों का हल्ला बोल, बड़े आंदोलन की चेतावनी
शिमला/मंडी। हिमापचल प्रदेश बिजली बोर्ड में ओल्ड पेंशन योजना (Old Pension Scheme) लागू करने की मांग को लेकर प्रदेश भर के बिजली दफ्तरों में कमचारी यूनियन (Employees Union) ने धरना दिया। वर्किंग डे पर लंच के वक्त किए गए प्रदर्शन में कर्मचारियों ने हिमाचल प्रदेश सरकार से ओल्ड पेंशन स्कीम बहाली की मांग की है। बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने बोर्ड के विघटन और स्मार्ट मीटरिंग का भी विरोध किया।
कर्मचारी यूनियन के महासचिव हीरा लाल वर्मा ने कहा कि कर्मचारी लगातार ओल्ड पेंशन स्कीम की बहाली की मांग कर रहे हैं। पांच महीने का वक्त बीत चुका है, लेकिन अभी उनकी पेंशन बहाल नहीं हुई है। प्रदेश भर के सभी कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन स्कीम मिल रही है। यह उन्हें भी मिलनी चाहिए। वर्मा ने कहा कि कर्मचारी सामाजिक सुरक्षा (Social Security) को देखते हुए अपनी पेंशन बहाली की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन में रिटायर्ड पेंशनर और आउटसोर्स कर्मचारी भी शामिल हुए।
यह भी पढ़े:सरकार दिखा रही दादागिरी, मंडियों के बाहर सेब बेचने को मजबूर बागवान : बोले बलबीर वर्मा
मंडी में स्मार्ट मीटर का जबरदस्त विरोध
उधर, मंडी में 350 रुपए की जगह 10 हजार रुपए का स्मार्ट मीटर (Smart Meter) लगाने की योजना के खिलाफ बिजली बोर्ड यूनियन गुरुवार को जबर्दस्त विरोध प्रदशन किया। उनका कहना था कि हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड (HPSEBL) 1800 करोड़ के घाटे में है। इसके बावजूद सरकार स्मार्ट मीटर लगाने की बात कर रही है। इससे न केवल बोर्ड के कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा, बल्कि आने वाले समय में युवाओं को भी रोजगार नहीं मिलेगा। इन मीटरों के लगने से उपभोक्ताओं को महंगी दरों पर बिजली मिलेगी।

52 साल पुराने बिजली बोर्ड को न छेड़े सरकार: ठाकुर
राज्य विद्युत परिषद लिमिटेड कर्मचारी यूनियन की केंद्रीय कार्यकारिणी के उपाध्यक्ष एमएल ठाकुर ने कहा कि सरकार वर्ष 2016 से कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों को दूर नहीं कर रही है। जबकि 10 हजार रुपये का स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं पर थोपा जा रहा है। सरकार 52 साल पुराने बिजली बोर्ड से छेड़छाड़ करने की कोशिश न करे, वरना सरकार के खिलाफ और उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का 8 सूत्रीय मांग पत्र दोनों पार्टियों के प्रतिनिधियों के माध्यम से सरकार को भेजा जाएगा। ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार की नोटिफिकेशन के बाद भी बिजली बोर्ड द्वारा पुरानी पेंशन लागू नहीं की गई है। जिस कारण बिजली बोर्ड के कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है।

