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करंट से मौत पर पीड़ित परिवार को अब मिलेंगे 5 लाख रुपये
शिमला। हिमाचल प्रदेश में अगर किसी व्यक्ति की करंट से मौत (Died by Electrocution) हो जाती है तो प्रभावित परिवार को अब तुरंत चार की जगह पांच लाख रुपये मिलेंगे। करंट से 60 फीसदी झुलसने या घायल होने पर भी इतनी ही रकम दी जाएगी। राज्य विद्युत नियामक आयोग (State Electricity Regulatory Commission) ने इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी है। आर्थिक सहायता की यह रकम बिजली बोर्ड चुकाएगा।
अधिसूचना के तहत घायलों को तीन दिन के भीतर 1.25 लाख रुपये देने का प्रावधान है। पहले करंट से मौत होने पर चार लाख रुपये और 60 फीसदी घायल को दो लाख रुपये मिलते थे। करंट से मौत होने पर फौरी राहत के तौर पर 1.25 लाख रुपये जारी होंगे। बाद में 3 दिन के भीतर बाकी का मुआवजा देने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए पीड़ित परिवार को सरकारी कार्यालयों के चक्कर भी नहीं काटने पड़ेंगे।
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थाने में FIR की कॉपी और पीएम रिपोर्ट की काफी होगी
पुलिस थाना में दर्ज एफआईआर की प्रति (Copy of FIR) और पोस्टमार्टम रिपोर्ट (PM Report) के आधार पर 1.25 लाख रुपये की तत्काल वित्तीय मदद दी जाएगी। करंट से घायल होकर अस्पताल में भर्ती होने वाले व्यक्ति को 10 हजार रुपये की फौरी राहत दी जाएगी। सात दिन से ज्यादा अस्पताल में भर्ती रहने पर 8 हजार रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। 25 दिन तक भर्ती रहने पर 25 हजार रुपये मिलेंगे। करंट लगने पर अगर कोई व्यक्ति दिव्यांग हो जाता है, तो उसे चार लाख रुपये दिए जाएंगे। कोई व्यक्ति अल्प दिव्यांग होता है तो उसकी स्थिति के अनुसार उसे एक से दो लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। यदि किसी व्यक्ति का पालतू जानवर भी करंट से मरता है तो उन्हें भी मुआवजा मिलेगा।
