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हरियाणा के पलवल-नूंह में लोगों ने कोरोना वैक्सीन ना लगवाने के लिए सीएम को लिखी चिट्ठी

लोगों के बीच फैल चुकी है वैक्सीन को लेकर तरह-तरह की भ्रांतियां

हरियाणा के पलवल-नूंह में लोगों ने कोरोना वैक्सीन ना लगवाने के लिए सीएम को लिखी चिट्ठी

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गुरुग्राम। कोरोना वैक्सीनेशन (Corona Vaccination) देश में चरम पर है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक भारत कोरोना वैक्सीनेशन (Corona Vaccination) के मामले में दूसरे नंबर पहुंच गया है, लेकिन अभी भी कोरोना वैक्सीन को लेकर अफवाहें लगातार फैल रही हैं। ताजा मामला हरियाणा (Haryana) के पलवल में सामने आया है। यहां खुद लोगों ने सीएम कार्यालय (Haryana CM Office) को चिट्ठी लिखी है और कहा है कि हम कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाना चाहते हैं। दरअसल, यहां लोगों में अफवाह (Rumor) फैल चुकी है कि कोरोना वैक्सीन में सुअर का मीट है और इससे बांझपन (Infertility) हो सकता है।


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जानकारी के अनुसार पलवल (Palwal Corona Vaccination) में 50 से 60 लोगों ने स्थानीय प्रशासन और सीएम कार्यालय को एक पत्र लिखा है। इसके पत्र में कहा गया है कि वो कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाना चाहते हैं। लोगों को डर है कि वैक्सीन (Vaccine) में गाय का खून, मीट और फैट मिला हुआ है। यही नहीं, हरियाणा के नूंह में भी लोग कोरोना वैक्सीन लगवाने को लेकर विरोध कर रहे हैं। अब इसी वजह से हरियाणा के दो ग्रामीण जिलों में कोरोना वैक्सीनेशन ड्राइव (Corona Vaccination Drive) के आंकड़े काफी ज्यादा निराशाजनक हैं।

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नूंह (Nuh) ऐसा जिला है जहां केवल 470 लोगों ने ही कोरोना वैक्सीन लगाई गई है। इसके अलावा कोरोना वैक्सीन लगवाने में पलवल (Palwal) 22 जिलों में 17 वें स्थान पर है। यहां अभी तक 1 हजार 252 लोगों को वैक्सीन (Vaccine) लगी है। 2011 की जनगणना के मुताबिक, नूंह की आबादी (Nuh Population) 12 लाख है। पलवल की आबादी 10.5 लाख है। आपको बता दें कि हर जिला कोरोना वैक्सीनेशन के तीसरे फेज के तहत 1 लाख से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाने का टारगेट रखा गया है।

कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) ना लगवाने को लेकर पलवल के नरेंद्र कुमार का कहना कि मैं कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाऊंगा क्योंकि इसकी कोई प्रामाणिकता (Authenticity) नहीं है। उन्होंने कहा कि कोरोना वैक्सीन में भ्रूण, सूअर और चिंपांजी के अंश शामिल हैं और यह गाय के खून से भी बनता है। यही नहीं, इस व्यक्ति ने तो कोरोना के होने पर ही सवाल खड़े कर दिए और कहा कि हमें यकीन भी नहीं है कि कोरोना वास्तव में कोई बीमारी है भी या हमें सिर्फ झूठ परोसा जा रहा है। एक अन्य निवासी जावती कहती हैं कि यह सब पश्चिमी देशों (Western Countries) द्वारा की जा रही साजिश है। वैक्सीन (Vaccine) लगवाने से हमारा धर्म नष्ट हो जाएगा।

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