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दुनिया के इस देश में चलती हैं केवल सफेद गाडियां, दूसरा रंग नहीं खरीद सकते लोग
White Marble City: दुनिया में कई अनोखे देश हैं जो कि अपने अनोखे कानूनों के लिए जाने जाते हैं। हर देश के अपने अलग और अनोखे नियम हैं जिनका पालन करना वहां के नागरिकों को अनिवार्य होता है। ऐसा ही एक देश है जहां का नियम है कि, वहां केवल सफेद रंग की ही कारें चल सकती हैं और किसी रंग की नहीं। इस देश की राजधानी को दुनिया में सफेद संगमरमर का शहर कहा जाता है। कारण है, यहां की इमारतों, फुटपाथों और सरकारी कार्यालयों से लेकर सार्वजनिक स्थलों तक लगभग हर निर्माण में चमकदार सफेद संगमरमर का उपयोग किया गया है। सूरज की रोशनी इन पत्थरों पर पड़ते ही पूरी जगह उजली दिखाई देती है। दिन हो या शाम, यह शहर रोशनी से दमकता नजर आता है। इसी चमकदार स्वरूप ने इसे दुनिया के सबसे चमकदार और अनोखे शहरों में शामिल कर दिया है।
अक्सर धूप का चश्मा पहनना पड़ता है
सफेद संगमरमर की भारी मात्रा ने यहां की पहचान पूरी तरह बदल दी है। यही वजह है कि इस शहर को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी जगह मिली। कहा जाता है कि दुनिया में कहीं भी इतनी ज्यादा संगमरमर वाली इमारतें एक ही शहर में नहीं दिखाई देतीं। सफेद पत्थरों की चमक इतनी अधिक है कि यहां रहने वालों को अक्सर धूप का चश्मा पहनना पड़ता है। मज़ेदार बात यह है कि बादलों से घिरा मौसम भी इस चमक को कम नहीं कर पाता।

2018 में लागू किया गया था नियम
ये देश और कोई नहीं बल्कि तुर्कमेनिस्तान है जहां की राजधानी अश्गाबात में 2018 में केवल सफेद रंग की कारों की अनुमति वाला एक नियम लागू किया गया था। जिसके अनुसार सिर्फ सफेद या सफेद जैसे हल्के रंगों की कारें ही सड़क पर चल सकती हैं।इस नियम की शुरुआत तुर्कमेनिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति गुरबांगुली बर्दीमुहामेदोव ने की। कहा जाता है कि उन्हें सफेद रंग से खास लगाव था।कुछ लोग इसे उनके पूर्व पेशे यानी डेंटिस्ट होने से भी जोड़कर देखते हैं, जहां सफेदी की विशेष महत्ता होती है। राष्ट्रपति की यह व्यक्तिगत पसंद धीरे धीरे शहर के नियम में बदल गई और फिर इसने पूरी राजधानी का स्वरूप प्रभावित किया।

किसी अन्य रंग की कार हो जाती है जब्त
यहां ना सिर्फ इमारतें और सरकारी संरचनाएं सफेद रंग में हैं बल्कि वाहनों के लिए भी यही रंग अनिवार्य कर दिया गया। यदि कोई व्यक्ति काली या किसी अन्य रंग की कार खरीद ले तो वह उसे चला नहीं सकता। पुलिस तुरंत वाहन को जब्त कर लेती है और कार मालिक पर भारी जुर्माना भी लगाया जाता है।कार तब तक वापस नहीं मिलती जब तक उसे नियमों के अनुसार फिर से रंगा न जाए या कानूनी औपचारिकताएं पूरी न हो जाएं।इसका असर यह हुआ कि यहां सफेद और चांदी जैसे हल्के रंगों की ही कारें दिखाई देती हैं।
नियम ने शहर को बनाया सुंदर
दिलचस्प बात यह है कि यहां का रंग नियम सिर्फ वाहनों तक सीमित नहीं है। शहर के डिजाइन, सजावट, सरकारी विज्ञापन और सार्वजनिक कला में भी वही सफेद सौंदर्य बनाए रखना जरूरी है।कई देशों में वास्तुकला अलग अलग शैलियों का मिश्रण होती है, लेकिन अश्गाबात को देखकर ऐसा लगता है जैसे किसी ने पूरे शहर को एक ही थीम पर तैयार किया हो। यहां के सरकारी भवन, मॉल, होटल, पार्क और यहां तक कि उनके अंदर की सजावट भी सफेद रंग को ही प्राथमिकता देती है। पर्यटक यहां सिर्फ घूमने नहीं आते, बल्कि इस शहर की असाधारण वास्तुकला और अनोखे नियमों को देखने भी आते हैं।
कानून बन गया शहर की पहचान
तुर्कमेनिस्तान का यह सफेद शहर दुनिया को यह दिखाता है कि कानून सिर्फ व्यवस्था के लिए नहीं बनते, कभी कभी नियम किसी जगह की पहचान भी बन जाते हैं। यहां सफेद रंग सिर्फ एक रंग नहीं बल्कि इस शहर की शैली और सोच का प्रतीक बन चुका है।
पंकज शर्मा
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